जब सचिन ने टीम के लिए बनाया बैंगन भर्ता...

सचिन तेंदुलकर
Image caption सचिन को तरह-तरह का मांसाहारी खाना पसंद है

कुछ ही मौके होते हैं जब क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपने मनपसंद खाने के बारे में बात करते हैं.

मुंबई में एक समारोह के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे 2003 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मैच में वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर की गेंदबाजी से पहले आइसक्रीम खाई थी.

भारत ने ये मैच छह विकेट से जीत लिया था और 75 गेंदों पर 98 रन बनाने के लिए सचिन को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया था.

उन्होंने कहा, “दोपहर के खाने में मैने सिर्फ आइसक्रीम खाई. मेरे पास और कुछ नहीं था. मैने अपना हेडफोन पहना हुआ था. मैं किसी और की आवाज नहीं सुनना चाहता था. मैंने तुरंत आइसक्रीम से भरा कटोरा उठाया और उसे खत्म कर दिया. आइसक्रीम शानदार थी.”

सचिन ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में टीम ने जीत का जश्न सड़क के किनारे दुकानों में खाना खाकर मनाया.

सचिन ने कहा, “मैच के तुरंत बाद हमने फैसला किया कि हम जहाँ कहीं भी जाएंगे, साथ रहेंगे. ये हमारे लिए बड़ा दिन था और हम साथ जश्न मनाना चाहते थे. इसलिए हमने साथ मिलकर सड़क के किनारे लगी दुकानों में खाना खाया. हमें बहुत मजा आया. वो मैच हमारे लिए उस टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण मैचों में से एक था.”

पाकिस्तानी कीमा पराठा

सचिन ने बताया कि अपने पहले पाकिस्तान दौरे पर उन्होंने वहाँ के खाने का भी लुत्फ उठाया था जिससे उनका वजन बढ़ गया था.

सचिन ने कहा कि पाकिस्तान में वो नाश्ते में कीमा पराठा और एक गिलास लस्सी लेते थे.

सचिन ने उन दिनों को याद करते हुए कहा, “प्रैक्टिस सेशन के बात हमने दोपहर का भोजन नहीं किया क्योंकि सुबह का खाना भारी और लजीज था. मैं दोपहर के खाने के बारे में नहीं सोचता था. मैं सिर्फ 16 साल का था और बड़ा हो रहा था.”

सचिन ने कहा कि जब वो पाकिस्तान दौरे से वापस मुंबई पहुँचे तो अपने बढ़े हुए वजन को देखकर आश्चर्यचकित रह गए.

दुनिया में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन ने कहा कि खाना बनाने से उन्हें आराम महसूस होता है और एक बार उन्होंने पूरी टीम के लिए खाना बनाया था, जो कि उनके किसी भी साथी ने अभी तक नहीं किया है.

बनाया बैगन भर्ता

सचिन ने कहा, “वर्ष 1997 और 1998 में हम दिल्ली में थे. पूरी टीम रात के खाने के लिए अजय जडेजा के घर पर थी. मैं जडेजा के घर आधे घंटे पहले गया था ताकि पूरी टीम के लिए मैं बैंगन भर्ता बना सकूँ.”

सचिन ने बताया कि विशेष मौकों पर वो पूरे परिवार के लिए खाना बनाते हैं और उनकी पत्नी को उनकी बनाई फिश करी बहुत पसंद है.

उन्होंने कहा, “मैं फिश करी और प्रॉन मसाला जैसी चीजें बनाता हूँ, और इसे बनाना मैंने माँ से सीखा है. उन्होंने मुझे कुछ बातें सालों पहले सिखाई थीं और मैने उनके साथ प्रयोग किया जो कि इतना बुरा नहीं था. अंजली कहती है उन्होंने इतनी अच्छी फिश करी पहले कभी नहीं खाई.”

सचिन ने कहा कि अपने शुरुआती वर्षों में वो सिर्फ महाराष्ट्र का खाना ही खाते थे, लेकिन एक बार जब उन्होंने यात्राएँ शुरु कीं तो उन्होंने नए व्यंजनों को बनाना सीखा.

सचिन ने बताया कि अपने इंगलैंड दौरे पर उन्होंने पहली बार जाना कि ठंडा चिकन भी खाया जाता है.

39 वर्षीय सचिन जापानी खाने के भी शौकीन हैं.

उन्होंने बताया कि जब नया खाना चखने की बात आती है तो उनके मुंबई के साथी जहीर खान और अजीत आगरकर उनके साथ रेस्तरां जाते हैं.

सबसे बुरे खाने पर पूछे गए सवाल पर सचिन ने बताया कि उन्होंने घोंघा खाने की कोशिश की थी लेकिन उसे पचाना मुश्किल है और वो उतना जायकेदार भी नहीं था.

सचिन ने बताया कि उनके लिए शाकाहारी होना मुश्किल है क्योंकि बचपन से वो मांसाहारी खाना खाते आए हैं.

सचिन ने कहा कि आने वाले इंगलैंड दौरे से पहले वो तेलयुक्त खाने से बच रहे हैं.

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