तीसरा टेस्ट: दबाव धोनी की टीम पर

 बुधवार, 5 दिसंबर, 2012 को 07:35 IST तक के समाचार
सचिन

सचिन का बल्ला इन दिनों चल नहीं सका है और इस टेस्ट में नज़र उन पर भी रहेगी

स्पिनरों के भरोसे मैच जीतने के महेंद्र सिंह धोनी के सपने पर पिछले टेस्ट में लगे ग्रहण के बाद तीसरे टेस्ट में दबाव भारतीय टीम पर है कि वह सिरीज़ में वापसी करे.

ये दबाव इसलिए भी अधिक होगा क्योंकि कप्तान धोनी ने कोलकाता के ईडन गार्डन में भी टर्निंग पिच मांग कर विवाद तो पैदा कर ही दिया है.

चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर होने के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट के ज़रिए भारतीय टीम को वापसी की कोशिश करनी ही होगी.

भारत ने 1984-85 के बाद से भारत में किसी श्रृंखला में इंग्लैंड के हाथों पराजय नहीं झेली है. उस समय डेविड गावर की टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी.

पिछले एक साल में टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी खराब रहा है. वे नंबर वन से खिसककर रैंकिंग में पांचवें स्थान पर आ गए.

जहाँ तक ईडन गार्डन का सवाल है तो वहाँ भारत ने पिछले तीन टेस्ट में 600 से अधिक रन बनाए हैं. इनमें से दो जीते और एक हारा है. भारत को आखिरी बार यहां पराजय 1998-99 में एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के हाथों झेलनी पड़ी थी.

गेंदबाज़ों पर दबाव

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस मैच में जहां भारत की प्रतिष्ठा दाव पर होगी, वहीं इंग्लैंड भी साबित करना चाहेगा कि वह स्पिन को बखूबी खेलकर भारत में भी जीत दर्ज कर सकता है.

हरभजन सिंह

फ़्लू की वजह से हरभजन सिंह का खेलना संदिग्ध है

दो टेस्ट में दो शतक जमाने वाले कप्तान एलेस्टेयर कुक के बेहतरीन प्रदर्शन और केविन पीटरसन के उम्दा खेल के दम पर इंग्लैंड ने भारत को वानखेड़े स्टेडियम पर 10 विकेट से हराया था.

अहमदाबाद में पहला टेस्ट भारत ने जीता था.

मुंबई में भारत के त्रिकोणीय स्पिन आक्रमण से भी अपेक्षित नतीजे नहीं मिल सके. बल्लेबाजी में चेतेश्वर पुजारा को छोड़कर सभी नाकाम रहे.

वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी का खराब फार्म बदस्तूर जारी रहा. वहीं पिछली दस पारियों में सिर्फ 153 रन बनाने वाले सचिन तेंडुलकर फिर नहीं चल सके.

विराट कोहली भी इस श्रृंखला में अभी तक नहीं चले हैं. इस पूरे साल अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पिछली चार पारियों में वह कोई कमाल नहीं कर सके.

भारत की गेंदबाजी भी पिछले दो टेस्ट में धारदार नहीं रही.

हरभजन सिंह की अगुवाई में स्पिनर नाकाम रहे. इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर ने प्रभावित किया, लेकिन भारत के आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा भी प्रभावशाली साबित नहीं हुए.

तेज़ गेंदबाज ज़हीर खान मैच फिटनेस हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं. उन्हें ना तो विकेट मिला और ना ही रिवर्स स्विंग.

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