रांची में होगी धोनी पर सबकी नज़र

महेंद्र सिंह धोनी
Image caption धोनी के गृहशहर रांची में भारत अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा.

दूसरे अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में जीत से संभली भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को अपने तीसरे मैच में जीत का सिलसिला बरकरार रखना चाहेगी.

उम्मीद की जा रही है कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अपने शहर रांची में उनका पहला मैच भाग्यशाली साबित होगा.

राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ 362 रनों का पीछा करते हुए महज नौ रनों से पिछड़ने के बाद कोच्चि में इंग्लैंड पर 127 रनों की जीत से भारतीय टीम ने श्रृंखला एक-एक से बराबर कर ली.

रनों के फासले के मामले में यह इग्लैंड पर दूसरी सबसे बड़ी जीत थी. भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह जीत कई मायने रखती है.

टीम का प्रदर्शन

मुश्किल वक्त में मिली जीत ने भारतीय टीम को एक नई ऊर्जा दी है.

अब धोनी की टीम मोहाली और धर्मशाला में होने वाले आगे के मैचों में महत्वपूर्ण बढ़त बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी.

कोच्चि में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की एक बार फिर से हुई नाकामी के बाद धोनी ने 66 गेंदों पर 72 रनों की आतिशी पारी खेलकर मैच की तस्वीर बदल थी.

Image caption प्रदर्शन का दारोमदार पूरी टीम पर होगा.

मैदान पर धोनी का साथ निभा रहे रवींद्र जडेजा ने भी 37 गेंदों पर 61 रनों की तूफानी बल्लेबाजी कर लोगों का दिल जीत लिया. 286 रनों का पीछा करने में इंग्लैंड की सांसें उखड़ सी गईं.

धीमे चल रहे विराट कोहली की 37 रनों की पारी भी भारत के लिए अच्छा शगुन कही जा सकती है. इसके बाद क्रिकेट पर नजर रखने वाले लोग टीम की बल्लेबाजी क्रम में शायद ही कोई छेड़छाड़ करना चाहें.

यहां तक कि गौतम गंभीर भी चौंकाने में कामयाब रहे. शनिवार के मैच में भारत रांची में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलेगा. इस मैच में भी धोनी पर बहुत कुछ निर्भर होगा.

रांची में उमंग

विश्व कप विजेता टीम का रांची में वैसा ही आभामंडल है जैसा कि सौरभ गांगुली का उनके शहर कोलकाता में.

रांची में ही जन्मे विकेटकीपर कप्तान धोनी ने घरेलू मैदान में मैच खेलने के बारे में कहा था, “मैं दो सौ फीसदी आशान्वित हूं. यह मेरे लिए बड़ी बात है.”

वर्ष 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने के बाद से महेंद्र सिंह धोनी अब तक 216 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं.

ऐसे वक्त में जबकि धोनी फॉर्म में चल रहे हैं, उनके शहर रांची में इस मैच का आयोजन अच्छा संयोग कहा जा सकता है. धोनी के फॉर्म ने पूरे झारखंड में जोश भर दिया है.

वर्ष 2011 के विश्वकप के बाद 27 पारियों में 11 अर्धशतकों के साथ धोनी की स्ट्राइक रेट 92.39 और औसत 83.28 रही है.

धोनी पर दारोमदार

जब भी भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ाई धोनी मैदान पर डटे रहे. जब साथी खिलाड़ी मैदान पर खड़े रहने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो धोनी संकटमोचक की तरह दिखे.

अपने आखिरी पांच मैचों में धोनी ने 102.33 की औसत से कुल 307 रन बनाए हैं.

धोनी के प्रतिद्वंदी भी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं. इंग्लैंड की टीम के कप्तान एलेस्टर कुक ने उन्हें दुनिया का बेहतरीन खिलाड़ी कहा है.

कोच्चि में हार के बाद कुक ने कहा था, “इन परिस्थतियों में खेलने वाले वह संभवतः दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं. उन्होंने ऐसा कई बार किया है. उन्हें गेंदबाजी करना एक मुश्किल काम है खासकर तब जबकि घेर में एक अतिरिक्त खिलाड़ी मौजूद हो. सपाट विकेटों पर उन्हें रोकना बहुत कठिन होता है”.

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