शारापोवा को छकाकर ली ना फ़ाइनल में

 गुरुवार, 24 जनवरी, 2013 को 13:48 IST तक के समाचार
ली ना, मारिया शारापोवा

मेलबर्न की गर्मी ली ना पर बेअसर रही

मेलबर्न में खेले गए ऑस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफ़ाइनल में चीन की ली ना ने रूस की मारिया शारापोवा को सीधे सीटों में हराकर फ़ाइनल मुक़ाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है.

तीस वर्षीय ली ने दुनिया की दूसरे नंबर की टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा को एक घंटे 33 मिनट चले मैच में 6-2, 6-2 से हराया.

फ़ाइनल में ली का सामना अब गुरुवार को नंबर एक खिलाड़ी विक्टोरिया अज़ारेंका और अमरीकी खिलाड़ी स्लोआन स्टीफेंस के बीच खेले जाने वाले दूसरे सेमी फ़ाइनल के विजेता से होगा.

शारापोवा का सपना टूटा

"हर बार जब मैं ऑस्ट्रेलिया लौटती हूं तो मुझे यहां कुछ महसूस होता है. मैं हमेशा यहां अच्छा खेलती हूं. फ़ाइनल में कोई भी घबरा सकता है, इसलिए मुझे इसका लुत्फ़ उठाना होगा. मेरी नज़र फ़ाइनल पर है."

ली ना

शारापोवा को हराने के बाद ली ने कहा, ''हर बार जब मैं ऑस्ट्रेलिया लौटती हूं तो मुझे यहां कुछ महसूस होता है. मैं हमेशा यहां अच्छा खेलती हूं. फ़ाइनल में कोई भी घबरा सकता है, इसलिए मुझे इसका लुत्फ़ उठाना होगा. मेरी नज़र फ़ाइनल पर है.''

सेमी फ़ाइनल तक पहुंचने की राह में शारापोवा केवल नौ गेम हारी हैं जो टूर्नामेंट का एक रिकॉर्ड है. वहीं ली भी 4-8 से पिछड़ने के बावजूद फ़ाइनल तक पहुंचने में क़ामयाब हुई हैं.

चार बार की विजेता शारापोवा दोबारा नंबर एक खिलाड़ी बन सकती थीं. इसके लिए उन्हें दूसरा ऑस्ट्रेलियाई ओपन ख़िताब अपने नाम करना जरूरी था.

लेकिन ली के दमदार प्रदर्शन की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो पाया. ली को उम्दा प्रदर्शन के लिए अपने कोच कार्लोस रोड्रिग्ज़ से मिले प्रशिक्षण से बड़ी मदद मिली और मेलबर्न की गर्मी उन पर बेअसर रही.

इसे भी पढ़ें

टॉपिक

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.