जिसे चरमपंथी समझा था, उसकी गेंद से बरपा कहर!

  • 13 फरवरी 2013
परवेज रसूल
Image caption विकेट चटकाने की खुशी

जम्मू-कश्मीर का वो क्रिकेटर जिसे कभी बंगलौर पुलिस ने गलती से चरमपंथी समझ हिरासत में ले लिया था, उसने ऑस्ट्रेलिया के सात बल्लेबाज़ो को आउट किया.

ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ के लिए भारत के दौरे पर है. चेन्नई में बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ़ खेले जा रहे प्रैक्टिस मैच में ऑस्ट्रेलिया की पारी पहले दिन मंगलवार को सिर्फ 241 रनों पर ही सिमट गई.

ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में निपटाने में ऑलराउंडर परवेज़ रसूल की प्रमुख भूमिका रही जिन्होंने सात विकेट चटकाए.

'कड़वा अनुभव'

ये वही परवेज़ रसूल हैं जिन्हें साल 2009 में बंगलौर पुलिस ने विस्फोटक सामग्री रखने के संदेह में हिरासत में ले लिया था.

बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्कैनर ने उनके बैग में विस्फोटक होने का संकेत दिया था जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था.

लेकिन बाद में बैग से कुछ नहीं मिला था और फोरेंसिक लैब ने भी उनके बैग में विस्फोटक का कोई अवशेष नहीं पाया था. इसके बाद उन्हें क्लीन चिट देते हुए छोड़ दिया गया था.

मीडिया खबरों के मुताबिक छूटने के बाद रसूल ने कहा था कि उनके लिए वो कड़वा अनुभव था और सभी कश्मीरी युवाओं को चरमपंथी न समझना चाहिए.

रसूल का कमाल

Image caption चेन्नई की पिच पर स्पिनरों को फायदा मिला

मंगलवार को चेन्नई की विकेट पर भारतीय स्पिनरों को अच्छी मदद मिली और रसूल ने उसका भरपूर फायदा उठाया.

रसूल ने 45 रन देकर सात विकेट लिए. उनके अलावा सरबजीत लाडा को दो विकेट और स्टूअर्ट बिन्नी को एक सफलता मिली. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के आक्रामक अंदाज़ से भी रसूल को फायदा मिला क्योंकि बल्लेबाज़ों ने संभल कर खेलने की ज्यादा कोशिश नहीं की.

ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से ओपनर एड कॉवन ने सबसे ज्यादा 58 रन बनाए जबकि स्टीव स्मिथ ने 41 और मैथ्यू वेड ने 35 रनों का योगदान दिया.

पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4-0 से टेस्ट सिरीज में हराया था.

रसूल ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं और दाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं. इस सीज़न रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 600 रन बनाए और 33 विकेट भी लिए.

बुधवार को रसूल का जन्मदिन है और वो 24 साल के हो जाएंगे.

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