ओलंपिक में कुश्ती पर अध्यक्ष को पटखनी

योगेश्वर दत्त
Image caption योगेश्वर दत्त को लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल हुआ था.

कुश्ती के खेल की देख-रेख करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फ़िला के अध्यक्ष ने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

उन्होंने ये क़दम उस निर्णय के मद्देनज़र उठाया है जिसमें कुश्ती को अगले ओलंपिक खेलों से हटाने की बात कही गई है.

ओलंपिक समिति के फ़ैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में जगह बनाने के लिए कुश्ती को दूसरे खेलों के साथ मुक़ाबला करना होगा.

स्विट्ज़रलैंड के राफ़ेल मार्टिनेटी इस पद पर साल 2002 से मौजूद थे.

थाइलैंड में फ़िला कार्यकारी समिति की एक बैठक में उनके ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया.

दयनीय स्थिति

तुर्की के रोदिका याक्सि ने कहा, "उन्होंने अपना त्याग पत्र सौंप दिया है."

उन्होंने कहा, "हमने बुडापेस्ट में होने वाली विशेष कांग्रेस के लिए अंतरिम अध्यक्ष चुन लिया है. ये बैठक सितंबर में विश्व चैंपियनशिप के समय होगी."

फ़िला के उपाध्यक्ष तोमियाकी फुकुदा ने कहा कि फुकेत में आयोजित सालाना बैठक में कुश्ती की दयनीय स्थिति पर बातचीत की जाएगी.

आश्चर्य

पहले समझा जा रहा था कि आधुनिक पेंटाथलन और ताइक्वांडो पर ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं लेकिन फिर कुश्ती को ओलंपिक से अलग करने का फ़ैसला सामने आया.

साल 2020 के ओलंपिक खेलों में जगह बनाने के लिए कुश्ती को बेसबाल/साफ्टबाल, स्क्वॉश, कराटे, स्पोर्टस क्लांइबिंग, वेकबोर्डिंग, वुशु और रॉलर स्पोर्टस से मुक़ाबला करना होगा.

कुश्ती के खेल को ओलंपिक में 1896 में शामिल किया गया था और पेरिस में हुए 1900 के खेलों के अलावा वो सभी ओलंपिक खेलों का हिस्सा रहा है.

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