धोनी की किस्मत आजमाएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम

Image caption वर्ष 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अपने देश में 4-0 से हराया था.

ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम भारत में चार मैचों की टेस्ट सिरीज़ खेलने आ चुकी है और सिरीज़ पर दोनों ही तरफ़ से बयानबाज़ी भी शुरु हो गई है.

जहाँ हरभजन सिंह ने कहा कि भारत सिरीज़ 4-0 से जीतेगी वहीं कप्तान माइकल क्लार्क का कहना है कि वो भारत से डर कर नहीं खेलेंगे.

वहीं पिछले 17 टेस्ट मैचों में 10 हारने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर दबाव रहेगा लेकिन वरिष्ठ क्रिकेट पत्रकार प्रदीप मैगज़ीन का कहना है कि धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं जो दबाव नहीं लेते हैं.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "जिस तरह भारत अपने घर में इंग्लैंड से हारा, कोई दूसरा कप्तान होता तो शायद बच नहीं पाता. कई लोग कहते हैं कि वो टेस्ट में कप्तान अभी तक इसलिए बने हुए हैं क्योंकि उनके सिर पर बोर्ड का हाथ है. लेकिन धोनी के पास कई मज़बूत पक्ष हैं. वो वनडे के बेहतरीन कप्तान हैं और खिलाड़ी हैं. लेकिन टेस्ट में उस तरह से छाप नहीं छोड़ पाए."

सिरीज़ के नतीजों का उनकी कप्तानी पर कितना असर पड़ेगा? इस पर मैगजीन कहते हैं कि धोनी से ज्यादा दबाव बोर्ड प्रेसिंडेट पर होगा कि धोनी अच्छा प्रदर्शन करें ताकि लोगों को बोलने का मौका न मिले.

माइकल क्लार्क

वहीं ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क खुद तो अच्छे फॉर्म में हैं लेकिन लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कई स्टार खिलाड़ी हाल ही में रिटायर हुए हैं और इस टीम को भारत का दौरा करने वाली कमज़ोर ऑस्ट्रेलियाई टीमों में गिना जा रहा है.

मैगज़ीन भी मानते हैं कि भारत में खेलना ऑस्ट्रेलिया के लिए आसान नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "क्लार्क एक बड़े बल्लेबाज़ हैं, फॉर्म में हैं और दिखाना चाहेंगे कि वो दोबारा विश्व विजेता टीम खड़ी कर सकते हैं. अगर वो इंडिया को हरा पाए तो बहुत बड़ी उपलब्धि होगी. लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम में अब पोंटिंग नहीं है, हसी भी चले गए हैं जिससे उनकी बल्लेबाज़ी कमजोर हो गई है. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया को क्वॉलिटी स्पिनर की कमी भी खलेगी."

सचिन तेंदुलकर

मैगज़ीन मानते हैं कि सचिन तेंदुलकर ने दिखाया को उन्हें अभी भी रनों की भूख है. वो घरेलू क्रिकेट में खेले और टेस्ट अभी नहीं छोड़ना चाहते. लेकिन तेंदुलकर खुद जानते हैं कि रणजी में शतक बनाना और अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ शतक बनाने में बहुत फर्क है.

वो कहते हैं, "लेकिन सलामी बल्लेबाज़ अगर अच्छा खेलते हैं तो तेंदुलकर पर कम दबाव होगा. अगर वो रन बनाते हैं तो अगली सिरीज़ ज़रूर खेलेंगे लेकिन अगर विफल रहते हैं तो चयनकर्ता उनसे कड़े सवाल पूछेंगे. "

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की श्रंखला खेली जाएगी. पहला टेस्ट मैच 22 फरवरी से चेन्नई में खेला जाएगा.

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