कैंसर के बावजूद आक्रामक क्रिकेट बरकरार

Image caption युवराज सिंह ने बीमारी के करीब एक साल बाद क्रिकेट में वापसी की थी

क्रिकेट विश्व कप 2011 में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे युवराज सिंह को विश्व कप के बाद कैंसर की बीमारी के बारे में पता चला था. इसके बाद युवराज सिंह ने अमरीका में अपना कैंसर का इलाज करवाया.

पिछले साल जब कैंसर से लड़ने के बाद क्रिकेट के मैदान पर दोबारा वापसी की तो वो उसी रौ में दिखे और खेल में उनकी आक्रामकता कहीं से भी इतनी गंभीर बीमारी से प्रभावित नहीं दिखी.

तीन टेस्ट मैचों में 25 के औसत से और आठ एकदिवसीय मैचों में बीस के औसत से युवराज ने रन बनाए हैं. हालांकि युवराज का ये औसत उनके पहले के प्रदर्शन से कुछ कम है लेकिन इससे उनके हौसले का पता चलता है.

इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 34.57 रनों का था और एकदिवसीय मैचों में उन्होंने 36 के औसत से रन बनाए थे.

युवराज ने कैंसर से उबरकर एक वर्ष बाद सितम्बर 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्वेंटी-20 मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी. इस मैच में उन्होंने 34 रन बनाए.

वापसी

युवराज सिंह ने 299 दिनों के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी.

युवराज सिंह ने अभी तक कुल 280 एक दिवसीय मुक़ाबले खेले हैं जिनमें उन्होंने 8208 रन बनाए हैं.

इस दौरान 139 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा है और उन्होंने 13 शतक लगाए हैं.

साल 2011 में भारत में हुए एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप में युवराज सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया था और मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने थे.

विश्व कप 2011 में उन्होंने नौ मैचों में कुल 362 रन बनाए थे और 15 विकेट भी लिए थे.

युवराज सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत अक्टूबर 2000 में की थी और केन्या के खिलाफ उन्होंने पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेला.

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