क्या भारत 4-0 से ऑस्ट्रेलिया का सफाया कर पाएगा?

दिल्ली में आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मैच खेला जाना है. भारत में चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ 3-0 से गंवा चुकी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के लिए दिल्ली टेस्ट नाक बचाने की लड़ाई है. जबकि भारतीय टीम की निगाहें दिल्ली मैच जीतकर उसका पूरी तरह से सफ़ाया करने पर टिकी हैं.

भारत का दौरा कर रही ऑस्ट्रेलियन टीम से शायद ही किसी ने इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की थी.

भारतीय गेंदबाज़ इशांत शर्मा ने गुरुवार को पत्रकारो से बातचीत में कहा कि इस समय भारतीय टीम का माहौल बहुत अच्छा है और सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हुए है.

उधर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क न सिर्फ अपनी टीम के खराब प्रदर्शन से परेशान हैं बल्कि कमर का दर्द भी उन्हें सता रहा है.

दिल्ली में गुरुवार को अभ्यास सत्र के बाद जब खेल पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उन्हें कमर का दर्द ज़्यादा महसूस हो रहा है या टीम के खराब प्रदर्शन का तो उन्होंने कुछ यूँ जबाव दिया था, “निश्चित रूप से कमर के दर्द से ज़्यादा परेशान हूँ. मै सोचता हूँ कि हार में आन्नद नहीं होता, लेकिन एक टीम के रूप में हमने पूरी सिरीज़ में सब कुछ करने की कोशिश की, हम सीख रहे हैं और हमारी टीम के खेल में सुधार भी हुआ है. हर खिलाड़ी व्यत्तिगत्त रूप से यहँ की परिस्तिथियों के अनुरूप ढलने की कोशिश कर रहा है.”

खेल पाएँगे क्लार्क?

क्लार्क ने भरोसा जताया है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम दिल्ली में आखिरी टेस्ट मैच जीत सकती है.

ऑस्ट्रेलियन टीम को लेकर लाख टके का सवाल यह है कि क्या कप्तान कलार्क दिल्ली टेस्ट में खेलेंगे या नहीं. वहीं भारत को लेकर उम्मीद यही है कि वो ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हरा दे.

इस बारे में पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते है, “ऑस्ट्रेलियन लडाके हैं और ऐसा उन्होंने मोहाली में दिखाया भी. ऐसा लगता है कि दिल्ली में भी वो इसी तरह खेलेंगे. अगर आप देखे तो पहले विकेट के लिए शिखर धवन और मुरली विजय ने मोहाली में पहले विकेट के लिए 283 रन जोड़े लेकिन बाकी टीम केवल 216 ही जोड़ सकी, यानि उनके गेंदबाज़ो ने अच्छी गेंदबाज़ी की. मै चाहूँगा कि ऑस्ट्रेलियन टीम दिल्ली में भी इसी रूख के साथ खेले ताकि बेहतरीन क्रिकेट देखने को मिले.”

मोहाली टेस्ट में वाटसन समेत ऑस्ट्रेलिया के वो चार खिलाड़ी नहीं खेले थे जिन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी. लेकिन दिल्ली मैच में शेन वाटसन वापसी कर रहे हैं. इस पर क्लार्क ने कहा है कि वाटसन बिना शक सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी है.

क्रिकेट पंडितो में चर्चा ये है कि यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे कमज़ोर टीम है.

पूर्व बल्लेबाज़ प्रवीण आमरे कहते है कि ताज्जुब होता है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम इस स्तर के स्पिन गेंदबाज़ो के साथ भारत आई है जबकि उनके बारे में कहा जाता है कि वह अगले पाँच साल के बारे में सोचते है.

अब देखना है कि दिल्ली टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कलार्क जीत के रथ पर सवार हो पाते हैं या नहीं.

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