चालीस के सचिन के बारे में 40 रोचक तथ्य

  • 24 अप्रैल 2013
Image caption सचिन तेंदुलकर ने 12 साल की उम्र में एक स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता में शतक जमाया था

क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन रमेश तेदुलकर, मास्टर ब्लास्टर के नाम से भी जाने जाते हैं. अब वे 40 साल के हो गए हैं. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े चालीस रोचक तथ्य.

1. सचिन तेंदुलकर पहले तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते थे. लेकिन एमआरएफ़ पेस फ़ाउंडेशन के डेनिस लिली ने 1987 में उन्हें ख़ारिज कर दिया. लिली ने उन्हें अपनी बैटिंग पर ध्यान देने को कहा. लिली ने जिन खिलाड़ियों को तेज़ गेंदबाज़ बनने से मना किया उनमें सौरव गांगुली भी शामिल थे.

2. मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 1988 में खेले एक दिवसीय अभ्यास मैच में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए फ़ील्डिंग की थी.

3. स्कूलों के बीच खेली जाने वाली हैरिस शिल्ड प्रतियोगिता में सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664 रन की साझेदारी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. इनमें से तेंदुलकर ने 326 रन बनाए थे.

4. सचिन तेंदुलकर 16 साल की उम्र में भारतीय टीम में शामिल किए गए. देश की ओर से खेलने वाले वे देश के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे.

5. सचिन तेंदुलकर को एक दिवसीय मैचों में अपना पहला शतक लगाने के लिए 79 मैचों तक इंतजार करना पड़ा. लेकिन इस दौरान उन्होंने सात टेस्ट शतक बना लिए थे.

6. सचिन तेंदुलकर क्रिकेट की दुनिया के पहले बल्लेबाज़ थे जिन्हें तीसरे अंपायर ने आउट क़रार दिया. साल 1992 में खेले गए डरबन टेस्ट मैच के दूसरे दिन जॉंटी रोड्स के थ्रो पर तीसरे अंपायर ने टीवी रिप्ले देखकर तेंदुलकर को आउट करार दिया.

7. कराची में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेले गए टेस्ट मैच से सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट करियर की शुरुआत की. इसी मैच से पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ वक़ार यूनुस ने भी अपने टेस्ट जीवन की शुरुआत की थी.

8. सचिन तेंदुलकर शारदा आश्रम विद्यामंदिर तब गए जब कोच रमाकांच अचरेकर ने उनकी बल्लेबाज़ी का कौशल देखा. अचरेकर शारदा आश्रम विद्यामंदिर के क्रिकेट कोच थे. इस स्कूल में दाख़िला लेने से पहले तेंदुलकर पूर्वी बांद्रा के न्यू इंग्लैंड स्कूल ऑफ़ इंडियन एजुकेशन सोसाइटी में पढ़ते थे.

9. सचिन तेंदुलकर सबसे पहले 1990 में ‘बूस्ट’ के विज्ञापन में दिखे. इसके बाद वे कपिल देव के साथ कई विज्ञापनों में नज़र आए.

10. भारत के ख़िलाफ़ अपने टेस्ट जीवन का आग़ाज़ कर रहे इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ एलन मुलाले ने शिकायत की थी कि सचिन तेंदुलकर एक ऐसे बैट से खेल रहे हैं जिसका किनारा सामान्य बैट से ज़्यादा चौड़ा है. इस वजह से वे गेंदबाज़ों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना पाते हैं.

11. सचिन तेंदुलकर ने रणजी, दलीप और ईरानी ट्राफ़ी के अपने पहले ही मैचों में शतक जमाए. ऐसा करने वाले वे भारत के एकमात्र बल्लेबाज़ हैं. उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है.

12. शारजाह में ज़िम्बाब्वे के हेनरी ओलांगा ने 1998 में सचिन तेंदुलकर को एक बाउंसर फेंकी थी. इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल मुक़ाबले में सचिन ने ओलांगा से इसका हिसाब चुकता किया और उनकी गेंदों को मैदान की हर दिशा में पहुंचाया. इस मैच में 118 रन बनाकर सचिन अंत तक आउट नहीं हुए थे.

13. सचिन तेंदुलकर महान टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकेनरो के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. मैकेनरो उनके आदर्श थे. तेंदुलकर उनकी तरह ही बाल रखते थे.

14. सचिन तेंदुलकर का नाम मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा गया. सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर एसडी बर्मन के बहुत बड़े प्रशंसक थे.

15. सचिन तेंदुलकर ने रणजी ट्रॉफ़ी के अपने पहले मैच में रवि शास्त्री के साथ पारी की शुरुआत की थी.

16. फ़ार्मूला वन रेस के चैंपियन माइकल शुमाकर ने 2002 में तेंदलकर को फ़ेरारी 360 मडोना भेंट की थी. शुमाकर ने तेंदुलकर को फ़ेरारी तब भेंट की जब उन्होंने डॉन ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली.

17. सचिन तेंदुलकर मार्क कनोफ्लर को अपना पसंदीदा संगीतकार बताते हैं.

18. सचिन तेंदुलकर 1995 में दाढ़ी बढ़ाकर और वेश बदलकर फ़िल्म रोजा देखने गए थे. लेकिन उनका चश्मा गिरते ही सिनेमा हॉल में मौजदू लोगों ने उन्हें पहचान लिया.

19. सचिन तेंदुलकर 1992 में ऑस्ट्रेलिया का चार महीना लंबा दौरा करके स्वदेश लौटे और आते ही वे कीर्ति कॉलेज का प्रतिनिधित्व करने चले गए. यह उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है.

20. सचिन तेंदुलकर 3.2 पौंड वज़न वाले बैट से खेलते थे. दक्षिण अफ्रीक़ी बल्लेबाज़ लांस क्लूज़नर ही इससे अधिक वज़नी बैट से खेलते थे.

21. क्रिकेट के वर्ल्ड कप के 1996 में शुरू होने तक सचिन तेंदुलकर के पास कोई बैट कॉंट्रेक्ट नहीं था. इस प्रतियोगिता के अंत में टायर बनाने वाली कंपनी ने उनके बैट को प्रायोजित किया.

22. सचिन तेंदुलकर अपने स्कूल के दिनों में काफ़ी झगड़ालू थे. जब भी उनके दोस्ते उनसे किसी नए बच्चे का परिचय कराते, तो वे उससे कहते थे कि वे उसे हरा पाने में सक्षम हैं.

23. सचिन तेंदुलकर अपने दोस्तों से कहते थे कि वे टेनिस बॉल को पानी से भरी बाल्टी में डालकर उसे भिगोकर उनकी ओर तेज़ी से फेंके. इसके बाद वे गेंद को अपनी बैट से मारते थे.

24. सचिन को भारत सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया. दोनों पुरस्कार पाने वाले वे अकेले भारतीय क्रिकेटर हैं.

25. सचिन ने यार्कशायर की ओर से काउंटी क्रिकेट भी खेला. वहाँ उन्होंने 46.52 के औसत से रन बनाए.

26. सचिन जब क्रीज़ पर होते हैं तो उनकी पत्नी अंजली न कुछ खाती हैं और न कुछ पीती हैं.

27. सचिन सबसे अधिक बैंड एड से प्रभावित थे.

28. सचिन को घड़ियां और परफ़्यूम एकत्र करने का शौक़ है.

29. सचिन ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने पहले टेस्ट मैच में सुनील गावसकर से उपहार में मिले पैड को पहन कर खेला था.

30. सचिन 1992 में एक हज़ार रन बनाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर थे.

31. एशले जाल्स पहले गेंदबाज़ थे जिन्होंने सचिन को 2002 में टेस्ट मैच में स्टंप आउट कराया था.

32. सचिन ने 20 साल की उम्र पूरी होने से पहले ही टेस्ट मैचों में पांच शतक जमा दिए थे.

33. सचिन तेंदुलकर दुनिया के अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके नाम 40 विकेट और 11 हज़ार से अधक रन दर्ज हैं.

34. सचिन दुनिया के 90 से अधिक स्टेडियम में खेल चुके हैं.

35. सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने 128 मैचों में पारी की शुरुआत करते हुए कुल 6271 रन बनाए हैं. यह एक रिकार्ड है.

36. सचिन तेंदुलकर ने सौरव गांगुली के साथ मिलकर 20 शतकीय साझेदारियां निभाई हैं. यह एक विश्व रिकार्ड है.

37. सचिन तेंदुलकर के नाम एक सत्र में सबसे अधिक शतक बनाने का रिकार्ड दर्ज है. उन्होंने 1998 में एक दिवसीय मैचों में नौ शतक जमाए थे.

38. सचिन तेंदुलकर के ही नाम एक कैलेंडर साल में एक दिवसीय मैचों में सर्वाधिक रन बनाने का रिकार्ड भी दर्ज है. उन्होंने 1998 में कुल 1894 रन बनाए थे.

39. सचिन तेंदुलकर ने 1985-86 के सत्र में 12 साल की उम्र में हैरिस शिल्ड इंटर स्कूल टूर्नामेंट में 12 साल की उम्र में पहली बार शतक जमाया था.

40. सचिन तेंदुलकर 14 साल की उम्र में मुंबई की रणजी टीम में शामिल हुए. इतनी कम उम्र में मुंबई की रणजी टीम में शामिल होने वाले वे पहले खिलाड़ी थे.

संबंधित समाचार