स्पॉट फ़िक्सिंग: सचिन ने आख़िरकार उठाई आवाज़

  • 31 मई 2013
सचिन तेंदुलकर

आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ क्रिकेटरों पर ये सवाल उठ रहे थे कि वे इस मामले पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं.

पिछले दिनों भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के लिए इंग्लैंड रवाना होने से पहले हुए प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भी इस मामले पर कुछ नहीं कहा.

लेकिन अब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इस मामले पर बयान जारी किया है. सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों की घटनाएँ चकित करने वाली और निराशाजनक हैं.

उन्होंने कहा है कि लाखों क्रिकेट प्रशंसकों के विश्वास को बहाल किए जाने की आवश्यकता है. सचिन ने कहा है कि अधिकारी इस मामले के जड़ तक जाएँ और ये सुनिश्चित करें कि क्रिकेट की विश्वसनीयता क़ायम रहे.

खेल भावना

सचिन ने कहा कि क्रिकेटर के रूप में उन्होंने हमेशा खेल भावना से क्रिकेट खेलना सीखा है. आईपीएल-6 सचिन का आख़िरी आईपीएल था. सचिन ने मुंबई इंडियंस की ओर से आईपीएल में हिस्सा लिया और इस बार उनकी टीम ने ही आईपीएल का ख़िताब जीता.

ख़िताब जीतने के बाद सचिन ने आईपीएल को अलविदा कहने की घोषणा कर दी थी. वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस के कप्तान भी रहे थे.

आईपीएल-6 के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला उस समय सामने आया था, जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

इसके बाद मुंबई पुलिस ने चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े गुरुनाथ मेयप्पन और फिल्म कलाकार विंदू दारा सिंह को गिरफ़्तार किया. मेयप्पन बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद हैं. इसके बाद से ही श्रीनिवासन के त्यागपत्र की मांग उठ रही है.

इस पूरे मामले पर सचिन ने एक बयान जारी किया है. सचिन ने बयान में कहा है, "उस समय मुझे काफ़ी पीड़ा होती है जब क्रिकेट ग़लत कारणों से सुर्ख़ियों में आता है. पिछले दो सप्ताह की घटनाएँ चकित करने वाली और निराशाजनक रही हैं. क्रिकेटर के रूप में हमें हमेशा ये सिखाया जाता है कि मैदान में जाकर संघर्ष करो, अपना सर्वश्रेष्ठ दो और खेल भावना से खेलो."

उम्मीद

सचिन तेंदुलकर ने आगे लिखा है- इस कठिन दौर में मैं क्रिकेट खेलने वाले बच्चों से लेकर क्लब, राज्य और देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों के साथ हूँ, जो अधिकारियों पर ये भरोसा करते हैं कि वे मामले की जड़ तक जाने के लिए क़दम उठाएँगे.

स्पॉट फ़िक्सिंग पर सचिन तेंदुलकर का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी तक मौजूदा क्रिकेटरों में से किसी ने इस मामले पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है.

इंग्लैंड रवाना होने से पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से इस मामले पर कई बार सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा.

हालाँकि बर्मिंघम पहुँचने के बाद हुए संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने इतना ज़रूर कहा कि भारतीय क्रिकेटरों की प्रतिष्ठा नहीं ख़त्म हुई है और कुछ लोग दूसरों के मुक़ाबले मानसिक रूप से थोड़ा कमज़ोर ज़रूर होते हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि वे समय आने पर इस मामले पर बोलेंगे.

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