फ़ाइनल से एक कदम दूर है भारत

क्रिकेट
Image caption भारतीय टीम ने अभी तक चैम्पियंस ट्रॉफी में सभी मैचों में जीत दर्ज की है.

इंग्लैंड में खेली जा रही आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी में आखिरकार यह तय हो गया कि टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार को भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा.

श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रनों से मात देते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है.

भारत पहले ही शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज़ और पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश पा चुका है.

सेमीफाइनल मैच को लेकर कई संभावनाए जताई जा रही हैं. कहा जा रहा है कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला कड़ा रहने वाला है.

मुकाबला

Image caption शिखर धवन ने दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शतक जडे.

दोनो टीमों के पास बेहतरीन बल्लेबाज़ो के साथ-साथ अच्छे गेंदबाज़ भी हैं.

भारतीय टीम की नई सलामी जोडी शिखर धवन और रोहित शर्मा ने अपने बल्ले का खूब जलवा दिखाया. दिनेश कार्तिक भी इनसे पीछे नहीं रहे.

मगर इन बल्लेबाजों के अलावा देखा जाए तो इस टूर्नामेंट में भारत के ज़्यादातर बल्लेबाज़ो की कडी परीक्षा नही हो सकी.

वैसे शिखर धवन ने दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ शतक भी जडा.

गेंदबाज़ी में एक ओर रविंद्र जडेजा की फिरकी का जादू खूब चला तो दूसरी ओर तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने भी प्रभावित किया.

पलड़ा भारी

श्रीलंका क्रिकेट टीम की बात करें तो इसमें कुमार संगकारा, तिल्करत्ने दिलशान, महेला जयवर्धने जैसे धाकड़ बल्लेबाज़ हैं.

तेज गेंदबाजी करने वालों में लसिथ मलिंगा, नुवान कुलासेकरा जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों का नाम उल्लेखनीय हैं.

इन सबके अलावा श्रीलंका टीम में रंगना हैराथ और दिलशान जैसे उपयोगी स्पिनर भी हैं.

सेमीफाइनल के बारे में भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पलड़ा भारत का ही भारी है, क्योंकि गेंदबाज़ी तो पाकिस्तान का भी शानदार थी.

दरअसल पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का खेल भारतीय टीम ने दिखाया है वैसा खेल कोई भी और टीम नहीं दिखा सकी. भारतीय टीम ने दो अभ्यास मैच जीते. उसके बाद दूसरी टीमों को आसानी से हराते हुए उसने एक लय पकड ली.

इसके अलावा भारत का मिडिल ऑर्डर बेहद मजबूत है. इन परिस्थितियों में अगर श्रीलंका के खिलाफ भारत की शुरूआती जोडी नाकाम भी रहती है तो उसमें इतनी क्षमता है कि वह श्रीलंका के गेंदबाज़ो का सामना कर सके.

दमखम

Image caption श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रनों से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी में भारत के प्रदर्शन से पूर्व तेज़ गेंदबाज़ करसन घावरी भी हैरान है. उनका मानना है कि पूरे टूर्नामेंट में आईपीएल से जुडे विवादो के बीच भारतीय क्रिकेट टीम ने काबिले तारीफ खेल दिखाया है.

करसन घावरी यह भी मानते हैं कि भारतीय टीम में चैंम्पियंस ट्रॉफी जीतने का दमख़म है.

मगर घावरी क्रिकेट में मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग जैसे विवादों से निराश हैं. वे मानते हैं कि अब वक्त आ गया है क्रिकेट को इन सबसे जूर रखा जाए.

घावरी ने भारत की चयन समिति की भी इस बता के लिए तारीफ की कि इसने युवा टीम में अपना भरोसा दिखाया है.

घावरी मानते हैं कि वेस्टइंडिज़ में होने वाली त्रिकोणीय सीरिज़ के लिए टीम में कोई फेरबदलाव नहीं किया जाना सही है. क्योंकि उन्हें विश्वास है कि इस युवा टीम में उम्मीदों पर खड़ा उतरने का दम है.

आक्रामक गेंदबाज

Image caption आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए महेला जयवर्धने ने 81 गेंदों में 84 रन बनाए.

घावरी मानते है कि इस समय भारत के पास भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव और इशांत शर्मा जैसे सबसे तेज़ आक्रामक गेंदबाज हैं.

रही बात श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल की, तो वे मानते हैं कि जीत का सबसे प्रबल दावेदार भारत ही है.

भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ नयन मोंगिया भी तेज़ गेंदबाज़ करसन घावरी की बात से सहमत हैं.

उनके अनुसार भारतीय टीम ने पहले तो अभ्यास मैचों मे तीन सौ से ज़्यादा रन बनाए और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उसने इतने ही रन बना डाले.

हालांकि इंग्लैंड के मैदान पर ऐसा करना इतना आसान नही था.

इसके अलावा चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक के लगभग सभी मुकाबले में भारतीय गेंदबाज़ों ने विरोधी टीम के बल्लेबाज़ों की नाक में दम कर रखा है.

ऐसे में उम्मीद है कि जीत का सेहरा भारत के सर ही बंधेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक कीजिए. ताज़ा अपडेट्स के लिए आप हमसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर जुड़ सकते हैं)

संबंधित समाचार