विंबलडन को मिलेगी नई मलिका

फ्लिपकैंस

बेल्जियम की कर्स्टन फ्लिपकैंस ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लेम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है. साल 2007 के बाद ये पहला मौका है जब बेल्जियम की कोई खिलाड़ी विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंची है.

पूर्व चैंपियन और आठवीं वरीयता प्राप्त चेक गणराज्य की पेत्रा क्वितोवा को 20वीं वरीयता प्राप्त फ्लिपकैंस ने कड़े मुकाबले में 4-6 6-3 6-4 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.

क्वितोवा की हार के साथ ही साल के तीसरे ग्रैंड स्लेम में कोई भी पूर्व चैंपियन खिताब की होड़ में नहीं बचा है.

15वीं वरीयता प्राप्त फ्रांस की मेरियन बारतोली दूसरी बार विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंची हैं. इससे पहले उन्होंने 2007 में फाइनल तक का सफर तय किया था लेकिन ख़िताबी मुक़ाबले में अमरीका की सरीना विलियम्स से हार गई थीं.

चौथे दौर में सर्वोच्च वरीयता प्राप्त और पांच बार की चैंपियन सरीना विलियम्स की चुनौती को ध्वस्त करने वाली जर्मनी की सबाइन लिसिकी भी दूसरी बार अंतिम चार में पहुंची हैं. उन्होंने इस बार एस्तोनिया की कैया कनेपी को 6-3 6-3 से शिकस्त दी.

एशिया की पहली ग्रैंड स्लेम चैंपियन चीन की ली ना को कड़े संघर्ष में पोलैंड की एग्निस्जका रदवांस्का के हाथों 6-7 6-4 2-6 से हार का सामना करना पड़ा. ली ना की हार के साथ ही महिला एकल में एशिया की चुनौती समाप्त हो गई.

पिछले साल की उपविजेता और चौथी वरीयता प्राप्त रदवांस्का ख़िताब की होड़ में शामिल सबसे ऊंची वरीयता वाली खिलाड़ी हैं. तीन टॉप खिलाड़ी सरीना, बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका और रूस की मारिया शारापोवा टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं.

कनेपी ने चौथे दौर में ब्रिटेन की लॉरा रॉब्सन को हराया था लेकिन वो लिसिकी के सामने कोई ख़ास चुनौती पेश नहीं कर सकीं और उन्होंने लगातार सेटों में हार स्वीकार कर ली.

स्लोएन स्टीफंस की हार के साथ ही महिला एकल में अमरीका की चुनौती भी खत्म हो गई. पुरुष एकल में भी अमरीका का कोई खिलाड़ी ख़िताब की होड़ में नहीं है.

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