पहला वनडे: तीन साल बाद भिड़ेंगे भारत और ज़िम्बाब्वे

  • 24 जुलाई 2013
विराट कोहली के कंधों  पर होगी कप्तानी की जिम्मेदारी

भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच बुधवार को पांच एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ का पहला मैच हरारे में खेला जाएगा.

भारतीय टीम की कमान पहली बार स्वतंत्र रूप से विराट कोहली संभालेंगें, जबकि ज़िम्बाब्वे के कप्तान ब्रैंडन टेलर है.

भारतीय टीम में भरोसेमंद बल्लेबाज़ विराट कोहली के अलावा हाल में इंग्लैंड में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और उसके बाद वेस्टइंडीज़ में हुई त्रिकोणीय एकदिवसीय सिरीज़ में रोहित शर्मा और शिखर धवन के रुप में उभरी नई सलामी जोडी भी है जो महेंद्र सिंह धोनी की खोज कही जा सकती है.

रोहित शर्मा जब से भारतीय टीम में आए है तब से ही उन्हें बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ माना जाता है लेकिन वह अपनी प्रतिभा को मैदान पर दिखा नही पा रहे थे.

लेकिन जैसे ही उन्हे धोनी ने मध्यमक्रम की जगह सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका दी, उनका बल्ला चल निकला. इस बात को स्वंय रोहित शर्मा ने भी स्वीकार किया है.

भारतीय टीम में सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, अजिंक्य रहाणे और रवींद्र जडेजा जैसे बल्लेबाज़ भी है जिनके पास अनुभव की कोई कमी नही है.

तीन साल बाद आमने सामने

सुरेश रैना तो 2010 में एक कप्तान के रूप में भी ज़िम्बाब्वे का दौरा कर चुके है लेकिन तब खेली गई त्रिकोणीय एकदिवसीय सिरीज़ में भारत फाइनल में नही पहुंच सका था.

Image caption धोनी समेत कई खिलाड़ियों को इस सिरीज़ में आराम दिया गया है

तब तीसरी टीम श्रीलंका थी. उसके बाद भारत ने ज़िम्बाब्वे से दो टवेंटी-20 मैच ज़रूर जीते थे.

फिलहाल इस एकदिवसिय सिरीज़ में भारत की कप्तानी करने वाले विराट कोहली ने अपना पहला टवेंटी-टवेंटी मुक़ाबला भी तब ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ ही खेला था.

बुधवार से शुरू होने जा रही एकदिवसीय सिरीज़ से पहले ज़िम्बाब्वे के कोच एंडी वॉलर ने कहा है कि उनकी टीम अपने प्रदर्शन से भारत को हैरान कर सकती है.

वैसे हैरान तो ज़िम्बाब्वे ने पिछले दौरे में भी किया था जब त्रिकोणीय सिरीज़ में उसने भारत को पहले तो 5 विकेट पर 285 रन बनाने के बावजूद केवल 4 विकेट पर 289 रन बनाकर लीग मैच जीता और उसके बाद दूसरे मैच में भी भारत को 7 विकेट से पटखनी दी.

उस मैच में भारतीय टीम 9 विकेट खोकर 194 रन ही बना सकी थी. विराट कोहली तब पहले मैच में शून्य और दूसरे मैच में 18 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब पहले मैच में रोहित शर्मा ने 114 रनो की शतकीय पारी खेली थी. इसके दो दिन बाद ही उन्होने श्रीलंका के ख़िलाफ नाबाद 101 रन बनाए थे.

अब यह बात अलग है कि इसके बाद रोहित शर्मा के बल्ले से शतक नही निकला. उसके बाद भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच कोई एकदिवसीय मैच भी नही खेला गया. बुधवार को दोनो देश लगभग तीन साल बाद एक दूसरे का सामना करेंगे.

विराट का इम्तिहान

वैसे दोनो टीमों के बीच अभी तक 51 एकदिवसीय मैच खेले गए है जिनमें से भारत ने 39 जीते है, 10 हारे है, 2 टाई रहे है.

Image caption चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने आखिरी तक शानदार प्रदर्शन किया था

1983 के विश्व कप में वह ज़िम्बाब्वे ही था जिसने भारत के ख़िलाफ खेलते हुए अपने दूसरे ही मैच में एक समय भारत के 8 विकेट केवल 140 रन पर चटखा दिए थे, लेकिन उसके बाद कपिल देव ने 175 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को हार के मुंह से निकाला और बाद में भारत विश्व चैंपियन भी बना.

ऐसे हैरतअंगेज़ मैच खेलने वाले ज़िम्बाब्वे के पास कभी एंडी फ्लावर, ग्रांट फ्लावर, मरे गुडविन, एलिस्टर कैम्पबेल, हीथ स्ट्रीक, क्रेग इवांस, फ्लेचर, जॉन ट्राइकोस, स्टुअर्ट कार्लाइल, ततेंदा ताइबू जैसे घर-घर पहचाने जाने वाले ख़िलाड़ी थे.

अब पैसे के अभाव में ज़िम्बाब्वे की टीम में ना तो पहले जैसे ख़िलाड़ी है और ना ही दूसरे देशो से उनकी क्रिकेट सिरीज़ लगातार हो रही है जिसका खामियाज़ा ज़िम्बाब्वे की क्रिकेट को भुगतना पड रहा है.

ऐसे में जहां विराट कोहली की कप्तानी की नई पारी का इम्तिहान है वही ज़िम्बाब्वे के पास भी अवसर है कि वह भारत को कड़ी चुनौती देकर क्रिकेट दुनिया को दिखाए कि वह पूरी तरह से चुका नही है.

ये सिरीज़ पहली बार भारत के लिए एकदिवसीय क्रिकेट खेल रहे चेतेश्वर पुजारा, जयदेव उनाडकट, परवेज रसूल और लेग स्पिनर अमित मिश्रा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है जो उनके लिए भविष्य के दरवाज़े खोल सकती है.

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