भारत-ज़िम्बाब्वे के बीच दूसरा एक दिवसीय मैच

विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट टीम के अन्य खिलाड़ी

भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच दूसरा एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच शुक्रवार को हरारे में खेला जाएगा.

इससे पहले हरारे में ही खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में भारत ने ज़िम्बाब्वे को छह विकेटों से हरा दिया था. पहले एकदिवसीय मैच में ज़िम्बाब्वे की हार के बावजूद कुछ सवाल भारत के सामने अभी भी पहले की तरह मौजूद है.

मैच जिताने में धुरंधर

हालांकि कुछ सकारात्मक बातें भारतीय टीम के पक्ष में उभरकर आई भी हैं. सबसे पहले अगर बात भारतीय गेंदबाज़ी की हो तो दोनों छोर से नई गेंद का इस्तेमाल होने के बावजूद रंगनाथ विनय कुमार अपने प्रदर्शन से असर छोड़ने में नाकाम रहे हैं.

उन्होने नौ ओवर की गेंदबाज़ी में 57 रन देकर एक विकेट लिया जबकि दूसरे छोर से गेंद फेंक रहे मोहम्मद शमी और जयदेव उनादकट का भी लगभग यही हाल रहा. हालांकि यह कहा जा सकता है कि मोहम्मद शमी और जयदेव उनादकट के पास अनुभव की कमी है लेकिन विनय कुमार इससे पहले 23 मैच खेल चुके हैं.

जल्द शुरुआत

ज़िम्बाब्वे की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 72 रन जोडकर भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण की कलई भी खोल दी. अब इसे संयोग ही कहा जाएगा कि विनय कुमार ने अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच भी ज़िम्बाब्वे के ही ख़िलाफ साल 2010 में खेला था. यह मैच भी ज़िम्बाब्वे में ही खेला गया था.

कोहली का 'टेस्ट'

विनय कुमार अभी तक 24 मैचों में 34.37 रन की औसत से 29 विकेट ही ले सके हैं. जयदेव उनादकट ने तो हरारे में ही अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था. इससे पहले उन्होंने 2010 में ही दक्षिण अफ़्रीक़ा के ख़िलाफ़ सेंचूरियन में अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला था जिसमें उन्हें 101 रन देने के बावजूद कोई विकेट नही मिला था.

तीन साल बाद भिड़ेंगे

पिछले दिनो लगभग हर मैच में भारत को जल्दी ही शुरुआत देने वाले भुवनेश्वर कुमार की कमी का एहसास यक़ीनन कप्तान विराट कोहली को हुआ होगा. कुछ ऐसा ही तब भी हुआ था जब वेस्टइंडीज़ में खेली गई त्रिकोणीय सिरीज़ के दौरान एक मैच में उन्हें आराम दे दिया गया था.

अब अगर बल्लेबाज़ी की बात की जाए तो अपने पहले ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में नाबाद अर्द्धशतक बनाने वाले अंबाती रायडू ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाया. उन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 159 रनो की साझेदारी भी की.

बेहद मज़बूत

पहले एकदिवसीय मैच में शतक बनाने के साथ ही विराट कोहली ने दिखा दिया कि कप्तानी के भार का उनकी बल्लेबाज़ी पर कोई असर नही पड़ता और उनमें भविष्य का कप्तान बनने के सभी गुण है.

एकदिवसीय मैचों में उनके द्वारा बनाए गए शतकों की संख्या भी अब 15 हो गई है जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा सबसे कम मैचों में बनाया गया नया रिकार्ड भी है. शिखर धवन, रोहित शर्मा, सुरेश रैना और दिनेश कार्तिक जैसे अन्य बल्लेबाज़ो के होते भारत का बल्लेबाज़ी क्रम ज़िम्बाब्वे के विरूद्व बेहद मज़बूत दिखता है.

भारत की फ़तह

दूसरी तरफ़ ज़िम्बाब्वे के कप्तान ब्रेंडन टेलर हार के बावजूद इस बात से खुश है कि भारतीय टीम के गेंदबाज़ उनकी टीम का पूरी तरह से सफ़ाया नही कर सके लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि उनके बल्लेबाज़ रनो की रफ़्तार को तेज़ नही कर सके.

अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या इस सिरीज़ में चेतेश्वर पुजारा और ऑफ़ स्पिनर परवेज़ रसूल का पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का इंतज़ार समाप्त होता है या फिर जारी रहता है.

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