इंडियन फॉर्मूला वन ग्रां प्री 2014 संकट में

  • 29 जुलाई 2013
फार्मूला वन रेस

भारत में अगले साल फ़ॉर्मूला वन रेस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने फ़ॉर्मूला वन के प्रमुख बर्नी एकलस्टन के हवाले से कहा है कि भारत में अगले साल ये फ़र्राटा रेस होने की संभावना नहीं है.

बर्नी एक्केलेस्टोन ने हंगरी ग्रां प्री के दौरान कहा, “क्या भारत में इसके आयोजन की संभावना है? शायद नहीं.”

वहीं रूस में फ़ॉर्मूला वन रेस के आयोजन की तैयारियां हो रही हैं.

राजनीतिक वजह

जब 82 साल के ब्रितानी अरबपति एकलस्टन से पूछा गया कि नई दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में इस रेस के आयोजन में क्या दिक्कतें पेश आ रही हैं, तो उन्होंने कहा, “इसके कारण राजनीतिक हैं.”

दशकों से फ़ॉर्मूला वन रेस का आयोजन कर रहे बर्नी एकलस्टन ही इस रेस का कैलेण्डर तैयार करते है और वो आम तौर पर इसे सितंबर में इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल फ़ेडरेशन के सामने औपचारिक मंज़ूरी के लिए पेश करते हैं.

फ़ॉर्मूला वन रेस के लिए 22 जगहों के आवेदन हैं जबकि इस रेस में हिस्सा लेने वाली टीम चाहती हैं कि 20 से ज़्यादा रेस न हों.

रूस में 2014 के अंत में ‘सोची’ के ब्लैक सी रिजार्ट में पहली फ़ॉर्मूला वन रेस का आयोजन होने वाला है. न्यू जर्सी में भी पहली बार फर्राटा रेस होगी. ऑस्ट्रिया भी 11 साल के बाद इस रेस में वापसी कर रहा है.

भारत ने पहले ग्रां प्री का आयोजन 2011 में किया. इस साल भारत में 27 अक्टूबर को ग्रां प्री रेस होगी. 19 रेसों वाली इस रेस का 19वां राउंड भारत में होगा.

भारत में अब तक दो रेस हुई हैं और दोनों ही रेड बुल टीम के सेबेस्टिन फेटेल ने जीती हैं जो तीन बार फ़ॉर्मूला वन का खिताब जीत चुके हैं.

'हम प्रतिबद्ध हैं'

Image caption जेपी स्पोर्टस इंटरनेशनल ने मीडिया की अटकलों को निराधार बताया है.

इस तरह के आयोजनों में कई तरह नौकरशाही वाली अड़चनें होती हैं. वित्तीय मामलों के अलावा फ़ॉर्मूला वन के लिए स्थानीय कर भी कई बार समस्या बनते हैं.

भारत में फ़ॉर्मूला वन के आयोजक जेपी स्पोर्टस इंटरनेशनल ने अगले साल होने वाली रेस पर मीडिया की अटकलों को “पूरी तरह निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए पिछले महीने एक बयान जारी किया था.

जेपी स्पोर्टस के प्रवक्ता असकरी जैदी ने अपने बयान में कहा, “फ़ॉर्मूला वन प्रबंधन के साथ बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में एफ-1 रेस के आयोजन का जो समझौता हुआ उसकी अवधि 2015 तक की है. और हम इस समझौते के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.”

बयान में आगे कहा गया है, “फ़ॉर्मूला वन रेस के आयोजन से पीछे हटने का कोई कारण नहीं है.”

भारत में अगले साल होने वाला इंडियन ग्रां प्री हंगरी में चर्चा का विषय रहा. टीमों ने माना कि भारत में फ़ॉर्मूला वन रेस को लेकर कई तरह दिक्कतें हैं लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इन्हें सुलझा लिया जाएगा.

फ़ॉर्मूला वन टीम सौबर एफ1 की भारत मूल की प्रमुख मुनिशा कलटेनबर्न ने कहा, “यदि इन (टैक्स) कारणों के चलते हम वहां नहीं जा पाए तो, तो यह बेहद अफसोस की बात है.”

कलटेनबर्न ने आगे कहा,“फ़ॉर्मूला वन में पहले से मौजूद भागीदारों के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है, और उनके लिए भी, जो इस रेस में सफल होने वाले हैं. यदि हमने इन समस्याओं को सुलझाया नहीं तो यह बेहद अफसोस की बात होगी.”

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