ऐशेज सिरीज़ का नाटकीय अंत

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐशेज़ सिरीज का अंत बेहद नाटकीय रहा और मेजबान इंग्लैंड के हाथों से 4-0 की ऐतिहासिक जीत हासिल करने का मौका निकल गया.

सिरीज के पांचवें और अंतिम टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के लिए 24 गेंदों में 21 रन बनाने थे लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रोक दिया गया.

इससे नाराज दर्शकों ने अंपायरों और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क का मज़ाक उड़ाया.

इंग्लैंड ने 3-0 से सिरीज़ जीती. 1977-78 के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लिश टीम ने जब उसने लगातार तीन बार ऐशेज़ ट्राफी पर कब्जा किया है.

आतुर

दोनों टीमें इस मैच को जीतने के लिए आतुर दिखीं और यही वजह है कि ऐशेज़ सिरीज़ के अंतिम दिन 447 रन बने और 17 विकेट गिरे.

ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 115 रन की बढ़त हासिल करने के बाद अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 111 रन बनाकर समाप्त घोषित की और इंग्लैंड को 44 ओवर में 227 रन का लक्ष्य दिया.

कप्तान एलेस्टर कुक (34) और जोनाथन ट्रॉट (59) ने दूसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी और केविन पीटरसन ने 55 गेंदों में 62 रन ठोककर इंग्लैंड की उम्मीदों को परवान चढ़ाया.

ट्रॉट और पीटरसन के आउट होने के बाद क्रिस वोक्स और इयान बेल ने रन गति को बनाए रखा. लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने रोशनी कम होने की शिकायत की.

रैंकिंग

बेल के 17 रन के निजी स्कोर पर आउट होने के बाद अंपायरों ने रोशनी की स्थिति का जायजा लिया और मैच समाप्त करने का अनचाहा फ़ैसला किया.

आतिशबाज़ी के बीच इंग्लैंड के कप्तान कुक ने विजेता ट्राफी उठाई. इंग्लिश टीम की ऐशेज़ में यह 1978-79 के बाद सबसे बड़ी जीत है. तब उसने 5-1 से ऑस्ट्रेलिया को हराया था.

साथ ही इंग्लैंड की 1977 के बाद यह घर में सबसे बड़ी जीत है. तब टीम 3-0 से जीती थी.

इस जीत से इंग्लैंड आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारत को पछाड़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है जबकि ऑस्ट्रेलिया पांचवें स्थान पर फिसल गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार