कॉमनवेल्थ खेल: भारत में फीका होगा क्वींस बेटन का स्वागत?

दिल्ली में हुए थे राष्ट्रमंडल खेल

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की बेटन बुधवार से 71 देशों के सफ़र पर निकलेगी, हालांकि इन खेलों के पिछले मेज़बान भारत में त्यौहारों के कारण इसका स्वागत फीका रह सकता है.

बकिंघम पैलेस से राष्ट्रमंडल खेलों की बेटन एक लाख 90 हज़ार किलोमीटर के सफ़र पर निकलेगी. ग्लासगो में अगले साल 23 जुलाई से तीन अगस्त के बीच इन खेलों का आयोजन होगा.

ओलंपिक मशाल की तरह राष्ट्रमंडल खेलों में भी क्वीन्स बेटन रिले की परंपरा है जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और ये 11 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचेगी.

वैसे राष्ट्रमंडल खेलों की बात चलते ही भारतीयों के मन में खिलाडियों के जीते गए पदकों की जगह 2010 में दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े कथित घोटालों और विवादों की यादें ताज़ा हो जाती है.

बेटन का सफ़र

दिल्ली के बाद अब इन खेलों का आयोजन स्कॉटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्लास्गो में होगा.

राष्ट्रमंडल खेलों की बेटन एशिया, अफ़्रीक़ा, उत्तरी और दक्षिणी अमरीका और कैरेबियन क्षेत्र के 71 देशों में जाएगी और जून 2014 में वो वापस ग्लास्गो पहुंचेगी.

Image caption ग्लासगो में अगले साल होंगे राष्ट्रमंडल खेल

बेटन रिले का यह सफ़र 288 दिनों का है. बकिंघम पैलेस में होने वाले समारोह में स्कॉटलैंड की ओर से राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेलों के महान एथलीट एलन वेल्स और सर क्रिस होय भी मौजूद रहेंगे.

एलन वेल्स महारानी से बेटन ग्रहण करेंगे और इसी के साथ बेटन अपनी यात्रा पर निकल जाएगी.

पिछले राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 2010 में भारत में हुआ था, इसलिए परंपरा के अनुसार बेटन रिले की यात्रा का पहला पड़ाव भारत ही होगा.

यह बेटन रिले जिन-जिन देशों से गुज़रती है वहां इसके आयोजन के भव्य इंतज़ाम होते है, लेकिन भारत में ये आयोजन बेहद फीका हो सकता है.

'पर्याप्त पुलिस नहीं'

बेटन 11 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचेगी लेकिन 12 अक्तूबर को दुर्गा पूजा और 13 अक्तूबर को दशहरा है, ऐसे में प्रशासन बेटन रिले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने में असमर्थता जता रहा है.

हालांकि निलंबित भारतीय ओलंपिक संघ ने कुछ दिन पूर्व सारी स्थिति अंतराष्ट्रीय राष्ट्रमंडल समिति को बता दी थी और कार्यक्रम को आगे खिसकाने का आग्रह भी किया था लेकिन अंतराष्ट्रीय व्यस्तताओं को देखते हुए इसे नही माना गया.

इसके बाद निलंबित भारतीय ओलंपिक संघ ने दो सदस्यीय समिति गठित की जिसमें भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष जीएस मंडेर भी शामिल है. उनके अनुसार बेटन 11 तारीख़ की शाम को लंदन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगी. उसके स्वागत के लिए भारतीय ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, लंदन ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले कुछ जाने माने एथलीट और खेल मंत्रालय के कुछ अधिकारी मौजूद रहेंगे.

मंडेर के अनुसार 12 अक्तूबर को बेटन ताजमहल आगरा के लिए रवाना हो जाएगी. इस यात्रा में भारतीय ओलंपिक संघ के कुछ पदाधिकारी और एथलीट भी शामिल होंगे लेकिन आगरा में स्वागत की ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ की होगी.

इस समारोह में उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जाने-माने खिलाड़ी भी मौजूद रहेंगे. आगरा में ही ताजमहल में फ़ोटोशूट होगा. इसके बाद शाम को ब्रिटिश हाई कमीशन में रिसेप्सन होगा.

मंडेर के अनुसार 13 अक्तूबर को दशहरा होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विशाल और भव्य कार्यक्रम के स्थान पर सीमित कार्यक्रम रखा है. इंडिया गेट और क़ुतुबमीनार पुरात्तव महत्व के दृष्टिकोण से दो महत्वपूर्ण स्थल है इसलिए वहां बेटन रिले जाएगी.

मंडेर बताते हैं कि दिल्ली के राष्ट्रीय स्टेडियम में भी बेटन रिले होगी जहां पहले एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था. इसके अलावा उनका कुछ कार्यक्रम यूनिसेफ़ के साथ भी है.

इसके बाद 14 अक्तूबर को बेटन अपने अगले पड़ाव बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए रवाना हो जाएगी.

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