राजकोट में कंगारुओं से भिड़ेंगे भारतीय शेर

धोनी
Image caption भारत की कप्तानी धोनी के हाथ में होगी

भारत के दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम गुरुवार को एकमात्र टी-20 मुकाबले में उतरेगी.

राजकोट में होने वाले इस मुकाबले से ऑस्ट्रेलिया टीम अपने इस दौरे की शुरुआत कर रही है जिसमें 13 अक्टूबर से सात एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ भी शामिल है.

वैसे ऑस्ट्रेलियाई टीम में वे पांच कंगारू खिलाड़ी भी मौजूद हैं जो रविवार को ही खत्म हुई चैंपियंस लीग में खेल रहे थे.

भारत पहले ही इस सिरीज़ के लिए अपनी टीम का एलान कर चुका है जिसकी कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी के कंधों पर होगी.

इंग्लैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी और उसके बाद वेस्ट इंडीज़ में खेली गई त्रिकोणीय एकदिवसीय सिरीज़ में उन्होंने अपने बल्ले और अपनी कप्तानी का दम दिखाते हुए भारत को ख़िताबी जीत दिलाई.

इसके बाद उन्होंने ज़िम्बाब्वे सिरीज़ से अपने आपको दूर रखा और उनकी अनुपस्थिति में युवा विराट कोहली के नेतृत्व में भारत ने सिरीज़ 5-0 से अपने नाम की.

भारतीय टीम

भारतीय टीम में युवराज सिंह की वापसी हुई है जिन्होंने पिछले दिनों वेस्टइंडीज़ ए के ख़िलाफ तीन एकदिवसीय मैचों की अनधिकृत सिरीज़ में अपनी फॉर्म और फिटनेस का परिचय देते हुए एक शतक और एक अर्धशतक जमाया. उनके आने से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मज़बूती मिल सकती है.

सलामी जोड़ी के रूप में शिखर धवन और रोहित शर्मा भारतीय टीम की नई ताकत कहे जा सकते हैं.

वहीं गेंदबाज़ी में अब ईशांत शर्मा ने अपनी फिटनेस पर अधिक ध्यान दिया है जिससे उन्हें लगातार टीम में बने रहने के अवसर मिल रहे है.

इसी बीच तेज़ गेंदबाज़ उमेश यादव अपनी लय खो बैठे जिसका फायदा जयदेव उनादकट को मिला और वह उमेश की जगह टीम में आ गये. वैसे जिस खिलाड़ी ने सही मायने में टीम में कमबैक किया वह खिलाड़ी है लैग स्पिनर अमित मिश्रा.

ज़िम्बाब्वे दौरे पर उन्होने 18 विकेट झटके थे जिसका ईनाम उन्हे टीम में जगह के रूप में मिला.

अब यह बात अलग है कि आर अश्विन के होते उन्हे अंतिम ग्यारह में जगह मिलना थोडा मुशकिल लगता है. यानी कुल मिलाकर भारतीय टीम अपनी ही ज़मीन पर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ मज़बूत नज़र आती है.

कौन शेर, कौन ढेर

Image caption माइकल क्लार्क नहीं है ऑस्ट्रेलियाई टीम में

ऑस्ट्रेलियाई टीम को वैसे भी भारत आने से पहले ही सबसे बडा झटका तब लगा जब उसके नियमित कप्तान माइकल क्लार्क कमर की चोट के कारण पूरी सिरीज़ से बाहर हो गए. उनकी जगह टीम की कमान जॉर्ज बेली को सौंपी गई है.

ऐसे में टीम का दारोमदार काफी हद तक अनुभवी ऑलराउंडर शेन वाटसन पर होगा. उन्होंने पहले तो आईपीएल और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी में राजस्थान रायल्स के लिए खेलते हुए गेंद और बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन किया.

भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ नयन मोंगिया कहते है, “ऑस्ट्रेलिया दुनिया की नंबर दो एकदिवसीय टीम है जबकि भारत नंबर एक. ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम माइकल क्लार्क के बिना भी भारत आ रही है तो उसे कमज़ोर नही मानना चाहिए. चैंपियंस लीग में उनके खिलाड़ी खेले है उसका फायदा उन्हें मिलेगा. अब वन साइड क्रिकेट कोई भी देखना नही चाहता, लेकिन पलड़ा भारत का ही भारी लगता है.”

कुछ ऐसा ही मानना भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ अतुल वासन का है. वासन मानते है कि माइकल क्लार्क के पूरी सिरीज़ से बाहर होने का फायदा भारत को मिलेगा.

इसके बावजूद वह चेतावनी भी देते है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आसानी से हार नही मानते और पलटवार करने की उनकी आदत से भारतीय क्रिकेट टीम को सावधान रहना होगा.

वासन ये भी कहते हैं, “गर्मी का असर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम पर पड़ेगा और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और दूसरे टूर्नामेंट जीतने से भारतीय टीम के हौसले बुलंद है, लिहाज़ा ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत को हराना आसान नही होगा.”

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार