ज्वाला गुट्टा को हाई कोर्ट से राहत

ज्वाला गुट्टा
Image caption बीएआई ने ज्वाला गुट्टा पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा को राहत देते हुए बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) को उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की मंज़ूरी देने के लिए कहा है.

हाई कोर्ट ने कहा है कि ज्वाला गुट्टा पर बीएआई की अनुशासन समिति का अंतिम फ़ैसला आने तक उन्हें मैच खेलने की इजाज़त दी जानी चाहिए.

जस्टिस वीके जैन ने कहा, 'मेरी राय यह है कि बीएआई को ज्वाला गुट्टा को मैच खेलने की अनुमति दे देनी चाहिए.'

पद का दुरुपयोग

ज्वाला के वकील गोपाल जैन ने कोर्ट में कहा, "एक महिला खिलाड़ी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए."

बीएआई की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता शांति भूषण ने कहा कि पिछले कुछ सालों से गुट्टा का प्रदर्शन ख़राब रहा है और बीएआई के फ़ैसले में कुछ भी ग़लत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि गुट्टा माफ़ी माँग लेती हैं तो उन्हें खेलने की अनुमति दी जा सकती है.

हालाँकि हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद भी ज्वाला गुट्टा डेनमार्क ओपन में हिस्सा नहीं ले पाएंगी. इस टूर्नामेंट के लिए जारी की गई खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है.

Image caption ज्वाला गुट्टा ने दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल जीता था

डेनमार्क ओपन में ज्वाला गुट्टा और उनकी साथी अश्विनी पोनप्पा को चीन के जियोली वांग और यैंग यू के ख़िलाफ़ मैच खेलना था. लेकिन बीएआई द्वारा नाम न भेजे जाने के कारण अब चीन की टीम को वॉक ओवर दे दिया गया है.

डेनमार्क ओपन 15 से 20 अक्टूबर तक चलेगा और फ्रैंच ओपन 22 से 27 अक्टूबर के बीच खेला जाएगा.

बीएआई ने डेनमार्क और फ्रैंच ओपन के लिए खिलाड़ियों की घोषणा की है और इसमें ज्वाला और अश्विनी का नाम शामिल नहीं है.

प्रतिबंध

बीएआई की अनुसाशन समिति ने ज्वाला गुट्टा पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की थी. ज्वाला पर इंडियन बैडमिंटन लीग के दौरान अपनी टीम 'देल्ही स्मैशर्स' के खिलाड़ियों को 'बांगा बीट्स' टीम के ख़िलाफ़ मैच न खेलने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था.

बीएआई के अध्यक्ष अखिलेश दास ने सात अक्टूबर को अनुशासन समिति की सिफ़ारिश पर विचार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. ये समिति एक महीने के भीतर ज्वाला गुट्टा पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध पर अपनी राय देगी. बीएआई ने समिति का फ़ैसला आने तक ज्वाला को किसी भी टूर्नामेंट में शामिल न करने का निर्णय लिया था.

बीएआई के फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज्वाला गुट्टा ने बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

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