क्रिकेट: रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के साथ, जोश भारत के

  • 13 अक्तूबर 2013
शेन वॉटसन
Image caption शेन वॉटसन जैसे तेज़ तर्रार ऑल राउंडर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दे सकते हैं.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार से सात एक दिवसीय अंतराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला रविवार से शुरू होने रही है. इसका पहला मैच पुणे में खेला जाएगा.

भारत में वैसे तो इन दिनों गर्मी है लेकिन फिर भी रात को मैदान में ओस गिरती है.

इसे देखते हुए निर्णय लिया गया है कि इस बार मैच पहले के मुक़ाबले एक घंटा पहले डेढ़ बजे शुरू होंगे.

इससे पहले भारत ने मेहमान ऑस्ट्रेलिया को राजकोट में खेले गए एकमात्र ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच में 6 विकेट से हराया था.

महंगे पड़े गेंदबाज़

ट्वेंटी-ट्वेंटी में ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 201 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था.

एरोन फिंच के 89 रनो की पारी युवराज सिंह के नाबाद 77 रनो के तूफान में उड गई. भारत ने 2 गेंद शेष रहते जीत हासिल की. युवराज सिंह ने 35 गेंदों पर 8 चौक्के और 5 छक्के जडे.

अब ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जॉर्ज बेली की चिंताए भी बढ़ गई होंगी क्योंकि शिखर धवन ने भी 32 रन बनाकर ठीक-ठाक शुरूआत की.

उनके जोड़ीदार रोहित शर्मा तेज़ी से रन बनाने की कोशिश में जल्दी ही पैवेलियन लौट गए, लेकिन पिछले दिनों समाप्त हुई चैंपियंस लीग ट्वेंटी-ट्वेंटी चैंपियनशिप में वह कामयाब बल्लेबाज़ बनकर उभरे हैं.

कप्तान महेंन्द्र सिंह धोनी तो मैच फ़िनिशर के रूप में अपनी एक विशेष पहचान बना ही चुके हैं.

Image caption धोनी किसी भी मैच की सूरत बदल सकते हैं

मध्यमक्रम में विराट कोहली के रूप में भी भारत के पास बेहतरीन बल्लेबाज़ है. ऐसे में कप्तान धोनी की चिंता सिर्फ गेंदबाज़ी को लेकर होगी.

पिछले ट्वेंट-ट्वेंटी मैच में तेज़ गेंदबाज़ ईशांत शर्मा और स्पिनर आर अश्विन ख़ासे महंगे साबित हुए.

वैसे अब खेल अलग तरह का होगा. 20 के बजाय 50 ओवर के मैच होंगे.

रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में

ऑस्ट्रेलिया के पास अनुभव के नाम पर शेन वॉटसन है.

उनका जलवा आईपीएल और चैंपियंस लीग टवेंटी-टवेंटी में तो दिखा अब एकदिवसीय में वह कैसा खेल दिखाते है देखना होगा.

नज़रें तो उन पर भारत में हुई टेस्ट सिरीज़ में भी थीं जहां उन्होंने बेहद निराश किया था.

ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ी में मिचेल जॉनसन के रूप में अनुभवी गेंदबाज़ है, जो पिछले लम्बे समय से भारत में मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे हैं.

उनके अलावा जेम्स फ़ॉकनर, ग्लेन मैक्सवेल और नाथन कॉल्टर नील के पास भी भारत में खेलने का अनुभव है.

Image caption शेन वॉटसन ऑस्ट्रेलिया की टीम के अनुभवी खिलाड़ी हैं.

इसके बावजूद भारतीय टीम अपनी ही ज़मीन पर ऑस्ट्रेलिया के मुक़ाबले बीस ही है क्योंकि इस ऑस्ट्रेलियाई टीम में कुछ अनुभवहीन खिलाडी भी हैं.

वैसे ऑस्ट्रेलिया को एक बात राहत दे सकती है- और वह है उसका भारत में एकदिवसीय सिरीज़ में पिछला बेहतरीन रिकार्ड.

ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले भारत में दो बार 7 एकदिवसिय मैचों की सिरीज़ खेली है और दोनों बार जीत का सेहरा उसके सिर बंधा है.

साल 2007-08 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 7 मैचों की सिरीज़ में 4-2 से और उसके बाद साल 2009-10 में भी इसी अंतर से मात दी थी.

साल 2009-10 की सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया ने शॉन मार्श के 112 और शेन वाटसन के 93 रनों की मदद से 50 ओवर में 4 विकेट पर 350 रन बनाए थे. जवाब में सचिन तेंडुलकर के 175 रनों की मदद से भारत ने 347 रन बनाए थे और केवल 3 रन से हारा था.

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सेना के पास अब अनुभव भी है और युवा जोश भी जिसके दम पर भारत पुराना हिसाब बराबर करने की क्षमता रखता है.

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