वर्ल्ड टूर्नामेंट से भारत में लोकप्रिय होगा स्नूकरः पंकज आडवाणी

  • 15 अक्तूबर 2013
Image caption पंकज आडवाणी स्नूकर को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों पर ध्यान देने की बात कहते हैं.

नई दिल्ली में हो रहे ''इंडियन ओपन वर्ल्ड रैंकिंग स्नूकर टूर्नामेंट'' में भाग ले रहे दुनिया के 70वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने कहा है कि इससे भारत में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए इस टूर्नामेंट में शीर्ष स्नूकर खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का यह एक सुनहरा मौका है. इसमें जॉन हिगिंस, नील रॉबर्टसन, मार्क सेल्वी जैसे कई ख्यातिप्राप्त खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.

स्नूकर मैचों के टेलीविज़न पर प्रसारण से इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी. इस टूर्नामेंट में ईनामी राशि को देखते हुए कहा जा सकता है कि युवा इस खेल में करियर बना सकते हैं.

करीब तीन करोड़ रुपए (तीन लाख पाउंड) की ईनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में विजेता को 50 लाख रुपये (50 हज़ार पाउंड) मिलेंगे. बाकी पैसे समानुपात में टूर्नामेंट के अन्य खिलाड़ियों के बीच बांट दिए जाएंगे.

आडवाणी ने कहा कि दुनिया में स्नूकर की 10 रैंकिंग प्रतियोगिताएं होती है. इंडियन ओपन उनमें से एक है.

दिल्ली में हो रहा टूर्नामेंट

14 अक्टूबर से शुरू यह टूर्नामेंट 18 अक्टूबर तक दिल्ली के मेरेडियन होटल में खेला जाएगा.

28 वर्षीय पंकज ने एक सवाल पर कहा कि वह इस टूर्नामेंट के लिए फ़ेवरेट खिलाड़ी नहीं हैं. उन्होंने कहा, ''यह प्रोफेशनल स्नूकर है और इस खेल में इंग्लैंड के खिलाड़ियों का वर्चस्व है. जब आप विजेताओं की सूची देखेंगे तो उनमें अधिक्तर खिलाड़ी ब्रिटेन के होंगे.''

उन्होंने कहा कि एशियाइयों के लिए अपनी पहचान बनाना काफ़ी मुश्किल है. क्योंकि इसके लिए आपको साल के 6-7 महीनों तक इंग्लैंड में रखना होगा और वहां की परिस्थिति में बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अपने खेल के स्तर को सुधारना होगा.

उन्होंने कहा, ''यह सही है कि मैंने और आदित्य ने पिछले कुछ सालों में बेहतरीन काम किया है लेकिन यह केवल एक शुरुआत है. इस प्रतियोगिता से देश के युवाओं में स्नूकर को लेकर रूचि बढ़ेगी. इससे हमारे जैसे खिलाड़ियों में भी आत्मविश्वास जगेगा.''

बिलियर्ड्स से स्नूकर की तरफ़ ध्यान बदला

पंकज ने कहा कि उन्होंने बिलियर्ड्स से स्नूकर की तरफ़ ध्यान बदला है.

उन्होंने कहा, ''मैं बिलियर्ड्स हमेशा खेलते रहूंगा. लेकिन अभी मुझे लगता है कि स्नूकर को मेरी अधिक जरूरत है. मैंने पिछले कुछ महीनों में स्नूकर में अच्छा प्रदर्शन किया है.''

पंकज ने इस खेल को भारत में लोकप्रिय बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों पर ध्यान देने की ज़रूरत बताई. इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में स्नूकर टेबल मुहैया कराने की ज़रूरत है. काफी लड़के-लड़कियां इस खेल को खेलना चाहते हैं. इससे यह खेल हर किसी के पास तक पहुंच जाएगा. साथ ही इसे लोकप्रिय बनाने के लिए टेलीविज़न कवरेज ज़रूरी है.

उन्होंने कहा, ''इस खेल के ब्रांड एम्बेसडर होने के नाते मैं प्रोमोशनल गतिविधियों में भाग लेता हूं लेकिन बिलियर्ड्स और स्नूकर फेडरेशन की ओर से ऐसा करने की ज़रूरत है.''

उन्होंने कहा कि स्नूकर में मैच फिक्सिंग में कुछ शीर्ष खिलाड़ियों का नाम आना दुखद है, लेकिन इस खेल की अंतरराष्ट्रीय संस्था इसे बिल्कुल बर्दास्त नहीं करती. उन्होंने कहा कि दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर इसे खत्म किया जा सकता है.

स्नूकर में अपने लिए कोई लक्ष्य तय करने के बारे में उन्होंने कहा, '' सही मायने में मेरा कोई लक्ष्य नहीं है. इस पर कई लोग आश्चर्य करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि लक्ष्य आपको सीमित कर देता है'' उन्होंने कहा कि एक बार जब जीवन और खेल में लय और गति आ जाती है तो चीजें अपने आप होने लगती है.

जहां तक जीवन में प्यार का सवाल है तो यह एक पल में हो भी सकता है और इसमें सालों लग सकते हैं. कहने का मतलब है कि चीज़ें बदलती रहती हैं.

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