'रनों से कहीं ज़्यादा है सचिन का योगदान'

सचिन तेंदुलकर

क्रिकेट प्रेमियों को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के 200वें और आख़िरी टेस्ट का बेसब्री से इंतज़ार है.

इससे पहले हरियाणा में रोहतक के लाहली में सचिन रविवार को अपना आख़िरी रणजी मैच खेलने के लिए मैदान में उतरे. जहां वह महज़ पांच रन बनाकर तेज़ गेंदबाज़ मोहित शर्मा की गेंद पर बोल्ड हो गए.

सचिन के अपने आख़िरी रणजी मैच में सस्ते में आउट हो जाने से उनके प्रशंसक भले ही निराश हों, लेकिन भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ अतुल वासन सचिन जैसे दिग्गज खिलाड़ी की मौजूदगी को बहुत बड़ी प्रेरणा बताते हैं.

अतुल वासन कहते हैं, "आज हरियाणा और मुंबई का जो भी खिलाड़ी सचिन के साथ खेल रहा है, वह कल अपने बच्चों को बताएगा कि मैंने सचिन के साथ क्रिकेट खेला है, चाहे वह प्रथम श्रेणी ही क्यों न हो."

'विवाद में नहीं पड़े'

वासन के मुताबिक़, "कई युवा खिलाड़ियों को सचिन ने दुनिया भर में अपनी पहचान के साथ खेलना सिखाया है. उनका यह योगदान भारतीय क्रिकेट में उनके रनों से ज़्यादा है. इतनी बड़ी शख़्सियत होने के बावजूद उन्होंने कभी छोटे-मोटे फ़ायदों के लिए कोई समझौता नहीं किया और न किसी विवाद में पड़े."

सचिन के साथ खेल रहे कई क्रिकेटर तो ऐसे हैं, जो सचिन के करियर शुरू करते वक़्त बच्चे ही थे.

इन दिनों भारतीय क्रिकेट टीम में पूर्व महान बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ का विकल्प माने जा रहे चेतेश्वर पुजारा इन्हीं में से एक हैं.

पुजारा कहते हैं, "बचपन से ही एक सपना था कि मैं भी दुनिया के महानतम बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के साथ खेलूं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुझे भारत के लिए खेलने का अवसर मिला था, तब मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. मुझे अब भी उनके साथ खेलने का अवसर मिल रहा है, तो उम्मीद है कि और भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा."

वैसे सचिन पर क्रिकेट से संन्यास लेने का दबाव तो पिछले साल से ही बनने लगा था, जब इंग्लैंड की टीम भारत में 4 टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेलने के लिए भारत आई थी.

भारत के पूर्व कप्तान और कोच रहे अजित वाडेकर का कहना है कि सचिन के पास खेलने की महान क्षमता है. उनकी प्रतिभा दूसरों से अलग है. हालांकि इन दिनों उनके शॉट के चयन में कमी आई है, लेकिन खराब फ़ॉर्म तो खिलाड़ी की ज़िंदगी में आता-जाता रहता है.

'यादगार वक़्त'

Image caption चेतेश्वर पुजारा कहते हैं कि उन्हें सचिन से बहुत कुछ सीखने को मिला.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ खेले गए अपने पहले ही टेस्ट मैच में 187 रनों की रिकॉर्ड पारी खेलकर रातों-रात चर्चा में आए और इन दिनों अपनी मूंछों के साथ-साथ अपने बल्ले से भी विरोधी गेंदबाज़ों पर रौब जमाने वाले सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन भी सचिन के साथ बिताए लम्हे बेहद यादगार मानते हैं.

शिखर धवन मुंबई इंडियंस के लिए भी आईपीएल खेल चुके हैं.

सचिन को लेकर शिखर कहते हैं, "मैं ख़ुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मैंने उनके साथ आईपीएल में ओपनिंग की. उनके साथ पूरा सत्र बिताया. वह जब भी साथ में बल्लेबाज़ी करते थे, हमेशा बताते थे कि कब किस स्थिति में कैसी बल्लेबाज़ी करनी है. दिमाग़ी रूप से एक खिलाड़ी कैसे मज़बूत बने, यह सब उन्हीं से सीखने को मिला."

इन दिनों मुंबई के लिए हरियाणा के ख़िलाफ़ सचिन के साथ खेल रहे युवा बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे भी तीन साल तक मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल खेल चुके हैं.

वे कहते हैं, "सचिन से एक क्रिकेटर के तौर पर उभरने में मुझे बहुत मदद मिली. बचपन से अगर किसी क्रिकेटर का अनुसरण किया है, तो वे सचिन ही हैं."

ज़ाहिर है, सचिन जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके होंगे, तो न सिर्फ़ उनके प्रशंसकों बल्कि उनके साथ खेल रहे क्रिकेटरों को भी उनकी कमी खलेगी.

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