कोलकाता में सचिन का 199वां टेस्ट

सचिन तेंदुलकर

भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच बुधवार से दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच कोलकाता में शुरू होने जा रहा है.

दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ का ऐतिहासिक महत्व हो गया है क्योंकि क्रिकेट दुनिया के सबसे महान बल्लेबाज़ों में से एक भारत के सचिन रमेश तेंदुलकर इस सिरीज़ के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगे. सचिन एकदिवसीय और ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट पहले ही छोड़ चुके है. इसके अलावा घरेलू स्तर पर उन्होंने अपना आखिरी रणजी ट्रॉफी मुक़ाबला भी पिछले ही दिनों हरियाणा के ख़िलाफ खेला था.

सचिनमय हुआ कोलकाता

अगर लार्डस को क्रिकेट का मक्का कहा जाता है तो कोलकाता के ईडन गार्डंस को भी भारतीय क्रिकेट के लिए मक्का ही माना जाता है. सचिन जब वहाँ बुधवार को खेलने के लिए उतरेंगे तो वह उनके टेस्ट करियर का 199वाँ मैच होगा. इत्तेफाक़ की बात है कि नवंबर में ही अपने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत करने वाले सचिन तेंदुलकर नवंबर में ही अपने टेस्ट क्रिकेट की आखिरी पारी मुंबई में खेलेंगे.

सचिन ने 15 नवंबर 1989 को कराची में पाकिस्तान के ख़िलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और 14 नवंबर को वे मुंबई में अपना 200वाँ और आखिरी टेस्ट मैच खेलेंगे. वैसे तो सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन, सर्वाधिक शतक, सर्वाधिक टेस्ट और ना जाने कितने सारे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं लेकिन अब 200 टेस्ट मैचों के बाद सचिन का सफ़र थम जाएगा.

वेस्ट इंडीज की टीम

दो टेस्ट मैचों की इस सिरीज़ में आकर्षण का केंद्र अब सिर्फ और सिर्फ सचिन तेंदुलकर ही हैं लेकिन क्रिस गेल, शिवनारायण चंद्रपॉल, किरेन पावेल, मार्लोन सैमुअल्स, डेरेन ब्रावो और डेरेन सैमी जैसे जाने माने खिलाड़ियों के होते वेस्ट इंडीज़ की टीम भी कोई कमज़ोर टीम नहीं है.

क्या सचिन से बेहतर हैं विराट?

वेस्ट इंडीज़ की ये टीम पिछली कुछ टीमों से बेहद मज़बूत है. इस टीम के कुछ खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपना जादू जमकर दिखाया है.

पिछले कुछ वक्त से टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की संख्या भले ही अधिक नहीं रही हो लेकिन अब आने वाले दिनों में एक-एक सीट के लिए मारामारी होगी.

सचिन की वजह से यह सिरीज़ शायद क्रिकेट से बढ़कर हो गई है. सचिन को विदाई देने के लिए कोलकाता में ही कई तरह से इंतज़ाम किए गए हैं.

दबाव?

क्या इससे दूसरे खिलाड़ियों के मनोबल पर कोई असर पड़़ेगा?

इस सवाल के जवाब में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ आकाश चोपड़़ा कहते हैं, "इस भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी बेहद परिपक्व हैं और ऐसा नहीं लगता कि उनकी तैयारी या मैच को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर कोई असर पड़़ेगा."

दूसरी तरफ पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं, "सचिन तेंदुलकर को तो हर तरह का दबाव सहने की आदत है लेकिन दूसरे खिलाड़ियों को थोड़ा सावधान रहना होगा. उनकी एकाग्रता पर ज़रूर कुछ असर पड़ सकता है."

आखिरी सिरीज़

कोलकाता टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाज़ी की बात चलने पर आकाश चोपड़़ा कहते हैं, "भारतीय पिचों पर तेज़ गेंदबाज़ों के लिए पहले भी बहुत कुछ नहीं था, लिहाज़ा अब भी कुछ खास नहीं होगा. इसके बावजूद उमेश यादव से ज़रूर उम्मीदें रहेंगी. स्पिनर की भूमिका पहले की तरह अहम रहेगी."

जीत के साथ विदा हुए सचिन

सचिन को लेकर आकाश चोपड़़ा ने कहा, "जब तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी की आखिरी सिरीज़ हो तो उसे लेकर भव्य आयोजन तो होने ही थे. अब चाहे यह सिरीज़ भारत में है या फिर दक्षिण अफ्रीका में होती. यहाँ चर्चा सिर्फ सचिन की होगी बाकी बातों की नहीं."

इस टेस्ट सिरीज़ को लेकर पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह का मानना है, "भारतीय टीम वेस्ट इंडीज़ के मुक़ाबले मज़बूत है लेकिन वेस्ट इंडीज़ को भी कम नहीं आंकना चाहिए. वेस्ट इंडीज की टीम का ग्राफ अब ऊपर की तरफ जा रहा है. इसके अलावा एक बात तय है कि वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया जैसी पिचें नहीं दी जाएगी उनके मुक़ाबले कुछ बेहतर होगी. वेस्ट इंडीज़ की बल्लेबाज़ी गेंदबाज़ी के मुक़ाबले मज़बूत है. सचिन के सन्यास के साये में एक अच्छी सिरीज़ होनी चाहिए."

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