एजेंसियां चाहें तो सट्टेबाजी को क़ानूनी बना दें: द्रविड़

  • 12 नवंबर 2013
राहुल द्रविड़ भ्रष्टाचार सट्टेबाज़ी

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ क्रिकेट में भ्रष्टाचार और सट्टेबाज़ी से चिंतित हैं.

राहुल द्रविड़ का कहना है, "अगर एजेंसियों को लगता है कि सट्टेबाजी को क़ानूनी जामा पहनाने की ज़रूरत है तो ऐसा किया जाना चाहिए."

द्रविड़ दिल्ली में सीबीआई और राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा आयोजित 'इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इवॉल्विंग कॉंमन स्ट्रैटजीज़ टु कॉम्बैट करप्शन एंड क्राइम' में बोल रहे थे.

द्रविड़ ने कहा, "स्पोर्ट्स में करप्शन से मुझे बुरा लगता है और साथ में ग़ुस्सा भी आता है. जो भी ऐसा करता है, वह सबको नीचे गिराता है. एक बार जब विश्वास टूटता है, तो बहुत मुश्किल से वापस आता है."

क्रिकेट के सामने बढ़ती चुनौतियों के बारे में द्रविड़ ने कहा, "खेलों में भ्रष्टाचार जैसी चुनौती कई रूपों में है और ये चुनौतियां खेल के भविष्य के लिए ज्यादा बड़ी हैं. इसलिए हमें खेलों को बचाने के लिए ज़्यादा बड़ी लड़ाई लड़ने की ज़रूरत है. अगर सभी लोग मिलकर लड़ें, तो यह लड़ाई जीत सकते हैं."

खेलों से संबंधित मामलों के लिए कानून की ज़रूरत पर जोर देते हुए द्रविड़ बोले, "खेलों में अपराध के लिए एक अलग क़ानून की ज़रूरत है. इन क़ानूनों में खेलों में अपराध को सही तरीक़े से परिभाषित किए जाने की ज़रूरत है. क़ानूनी सुधार होने चाहिए. खेलों में आपराधिक मामलों की जाँच पारदर्शी और तेज़ होनी चाहिए."

जाँच की आँच

द्रविड़ ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि क्रिकेट से जुड़े आपराधिक मामलों की जाँच में ईमानदार खिलाड़ियों पर आँच नहीं आनी चाहिए.

द्रविड़ ने कहा, "ईमानदार खिलाड़ियों की रक्षा की जाए और दोषी खिलाड़ियों को जल्द से जल्द जाँच करके जेल भेजा जाए. जब दोषी खिलाड़ी जेल जाएंगे, तो एक अलग तरह का संदेश जाएगा, जो इस समय बहुत ज़रूरी हो गया है."

द्रविड़ ने तो ज़रूरत पड़ने पर पॉलीग्राफ़ टेस्ट की भी वक़ालत की.

नए खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में ध्यान दिलाते हुए द्रविड़ ने कहा, "खेल में ज़्यादा कॉम्पीटिशन है, दबाव भी ज़्यादा है. उनके सामने असुरक्षा भी ज़्यादा होती है. यह असुरक्षा आर्थिक पहलुओं से भी जुड़ी होती है. इसीलिए अक्सर नए खिलाड़ी प्रलोभनों में आ जाते हैं."

द्रविड़ ने क्रिकेट में दूसरे कई खेलों की तरह डोप टेस्ट पर भी सहमति जताई. इस मामले पर द्रविड़ ने कहा, "संभव है कि ड्रग टेस्ट की प्रक्रिया से ईमानदार खिलाड़ियों को दिक़्क़त हो, लेकिन खेल के व्यापक हित में यह दिक़्क़त उठानी चाहिए."

दूसरे खेलों में भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए द्रविड़ ने खेल संस्थाओं की आंतरिक संरचना मज़बूत करने की बात कही.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि खेल संस्थाएं इतनी सक्षम नहीं हैं कि वो इन चुनौतियों से ख़ुद भरपूर ढंग से लड़ पाएं. लिहाज़ा उन्हें बाहरी मदद की भी ज़रूरत होगी.

द्रविड़ ने खिलाड़ियों की उम्र को लेकर हो रहे भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, ''हमारे देश में सबसे बड़ी समस्या तब शुरू होती है जब शुरुआत में ही उम्रदराज़ खिलाड़ी अपनी उम्र छिपाकर जूनियर टीमों में शिरकत करते हैं. यह नैतिकता से जुड़ी समस्या भी है.''

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