सचिन प्रशंसकों के साथ बीबीसी गूगल हैंगआउट

सचिन तेंदुलकर
Image caption सचिन अपना आख़िरी टेस्ट मुंबई में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं.

सचिन तेंदुलकर 24 वर्षों के गौरवशाली करियर के आखिरी पड़ाव में मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अपना आखिरी मैच खेल रहे हैं. सचिन एक मिसाल हैं जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता.

हैंगआउट देखने के लिए क्लिक करें

उन्होंने अपने खेल से असंख्य लोगों को प्रभावित किया है और खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रेरणा दिया है.

करीब तीस साल बाद भी उनके स्कूल शारदा आश्रम के बच्चे उनमें अपना भविष्य तलाशते है, कई कहते हैं कि सचिन की कहानी उनके लिए ऊर्जा का स्रोत है.

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों समेत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी उन्हें एक आयकन के तौर पर देखा जाता है.

सचिन क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन वो अपनी विरासत युवाओं के लिए छोड़कर जा रहे हैं. क्या सोचते हैं आज के युवा उनके बारे में?

इसी सवाल पर चर्चा के लिए बीबीसी हिन्दी ने आयोजित किया एक गूगल हैंगआउट, जिसमें सचिन तेंदुलकर की स्कूल से बच्चे, सचिन की टीचर और उनके हमशक्ल, सभी मौजूद थे.

सिर्फ यही नहीं, हमारे साथ इस्लामाबाद के भी कुछ युवा क्रिकेटर थे जिन्होंने हमें बताया कि सचिन क्यों हैं उनके लिए भी खास.

ये गूगल हैंगआउट बीबीसी हिन्दी और बीबीसी उर्दू की संयुक्त पेशकश थी.

संबंधित समाचार