आखिरी सिरीज़ में जीत, विदा हुए सचिन

  • 16 नवंबर 2013
सचिन तेंदुलकर
Image caption ये टेस्ट सचिन के आख़िरी टेस्ट की वजह से हमेशा याद रखा जाएगा.

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए भारत-वेस्ट इंडीज़ सिरीज़ के दूसरे टेस्ट में भारत ने वेस्ट इंडीज़ को एक पारी और 126 रन से हराकर सिरीज़ पर 2-0 से क़ब्ज़ा कर लिया है. इस तरह सचिन तेंदुलकर की आख़िरी सिरीज़ भारत की जीत के सात ख़त्म हो गई.

भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच के तीसरे दिन लंच से पहले ही जीत हासिल कर ली. भारत की तरफ़ से शानदार प्रदर्शन किया गेंदबाज़ प्रज्ञान ओझा ने.

प्रज्ञान ओझा ने दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेकर पूरे मैच में 89 रन देकर 10 विकेट लिए. उनके इस प्रदर्शन के लिए ओझा को 'मैन ऑफ़ द मैच' चुना गया.

ओझा ने इसे सचिन को समर्पित किया.

वेस्ट इंडीज़ को पारी की हार से बचने के लिए 313 रनों की ज़रूरत थी लेकिन दूसरी पारी में उनकी पूरी टीम केवल 187 रनों पर सिमट गई और इस तरह भारत को एक पारी और 126 रन से विजय हासिल हुई है.

वेस्ट इंडीज़ की तरफ़ से रामदीन ने सबसे अधिक 53 रन बनाए जबकि शिवनारायण चंद्रपॉल ने 41 रन बनाए. रामदीन शमी अहमद की गेंद पर बोल्ड हो गए जबकि चंद्रपॉल को अश्विन ने एलबीडब्लू आउट किया.

इससे पहले शनिवार को मैच के तीसरे दिन वेस्ट इंडीज़ ने तीन विकेट के नुक़सान पर 45 रन से आगे खेलना शुरू किया.

दोनों टेस्ट में पारी से जीत

भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. धोनी का फ़ैसला उस वक़्त और भी सही साबित हो गया जब वेस्ट इंडीज़ की पूरी टीम पहले ही दिन केवल 182 रन बनाकर आउट हो गई.

भारत ने अपनी पहली पारी में सचिन के 74 और रोहित शर्मा और पुजारा के शतक की बदौलत 495 रन बनाए थे. इस तरह पहली पारी के आधार पर भारत को 313 रनों की लीड हासिल थी.

वेस्ट इंडीज़ की टीम दूसरी पारी में भी लड़खड़ाती रही और पूरी टीम केवल 187 रनों पर सिमट गई.

कोलकाता में खेले गए सिरीज़ के पहले मैच में भी भारत ने वेस्ट इंडीज़ को पारी के अंतर से हराया था. वो मैच भी भारत केवल तीन दिनों में ही जीत गया था.

रोहित शर्मा को दोनों टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ़ द सिरीज़' चुना गया.

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