नन्हे फ़ुटबॉलर की होड़ में बड़े क्लब

क्लाडियो नान्सुफिल (बीच में)
Image caption आठ साल के क्लॉडियो नान्सुफिल (फुटबॉल के साथ) की तुलना मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मेसी से हो रही है.

दुनिया के तीन बड़े फ़ुटबॉल क्लबों की दिलचस्पी इन दिनों किसी नामी-गिरामी फ़ुटबॉलर नहीं बल्कि एक आठ साल के बच्चे में है.

स्पैनिश फ़ुटबॉल क्लब-बार्सीलोना, रियाल मैड्रिड और एटलेटिको-तीनों ही आर्जन्टीना के आठ साल के क्लाडियो नान्सुफिल को क्लब में शामिल करने या ''साइन करने'' में दिलचस्पी ले रहे हैं.

दक्षिणी एंडीज़ पहाड़ों के स्की रिजॉर्ट बारिलोच के फ़ुटबॉल क्लब, मार्टिन गुएमेस, के लिए खेलने वाले क्लॉडियो को 'मेसी ऑफ़ द स्नोज़' नाम दिया गया है.

क्लॉडियो नान्सुफिल को ये नाम आर्जन्टीना के मशहूर खिलाड़ी और स्पैनिश क्लब बार्सीलोना के लिए खेलने वाले लियोनेल मेसी से शक्ल मिलने और प्रतिभा में समानता की वजह से दिया गया है.

Image caption स्पेनिश क्लब-बार्सेलोना, रियाल मेड्रिड, एटलेटिको- ने क्लॉडियो नान्सुफिल में दिलचस्पी दिखाई है.

नान्सुफिल को प्रमोट कर रही बार्सीलोना स्थित प्रचार एजेंसी के मैन्युल ओटेरो ने बताया, "क्रिसमस की छुट्टियों के बाद नान्सुफिल इन तीनों स्पैनिश टीमों को ट्रायल देंगे और फिर हम देखेंगे कि ये तीनों क्या ऑफ़र देते हैं.''

ख़बरें हैं कि क्लॉडियो में इंग्लिश क्लब-मैनचेस्टर युनाइटिड और चैलसी-की भी दिलचस्पी है.

मेसी से समानता

लियोनेल मेसी को बचपन में एक ग्रोथ हारमोन की कमी थी. जब वे 13 साल के थे तब बार्सीलोना फ़ुटबॉल क्लब ने उनके इलाज का ख़र्च उठाने का वादा किया जिसके बाद मेसी ने आर्जन्टीना छोड़ दिया.

Image caption नान्सुफिल के क्लब के अध्यक्ष के मुताबिक उनके खेलने की तकनीक बहुत विशिष्ट है.

क्लॉडियो नान्सुफिल को भी वही बीमारी है जो मेसी को थी.

मार्टिन गुएमेस क्लब के अध्यक्ष मार्सेलो एरनाल्ज़ कहते हैं, "क्लॉडियो की क़द काठी कम है और उनमें भी स्वास्थ्य मुश्किलें हैं जो लियोनेल मेसी को बचपन में थीं. क्लॉडियो को उस बीमारी के लिए हॉरमोन ट्रीटमेंट दिया जा रहा है."

साथ ही एरनाल्ज़ को दोंनो खिलाड़ियों के खेलने के तरीक़े में भी समानता दिखती है.

वे कहते हैं, "जैसे ही क्लॉडियो ने चार साल की उम्र में खेलना शुरु किया, तकनीक के मामले में वो अपने बाक़ी साथियों से अलग था चाहे वो फ़ुटबॉल किक करना हो, रोकना या फिर गोल करना."

क्लॉडियो नान्सुफिल की मां विवियाना का कहना था, "हम उससे पूछते हैं कि तुम ऐसे कैसे करते हो? और वो कहता है, ' मुझे नहीं पता. मैं सिर्फ़ सोचता हूं और मेरे पांव ख़ुद ही चलने लगते हैं."

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