दक्षिण अफ्रीका के हाथों भारत की करारी शिक़स्त

क्विंटन डी कॉक

जोहानेसबर्ग में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 141 रनों की करारी शिकस्त दी है. मेज़बान टीम के 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पूरी टीम 41 ओवर में 217 रनों पर ढ़ेर हो गई. क्विंटन डी कॉक को मैन ऑफ द मैच चुना गया.

इससे पहले, भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया और मेज़बान टीम को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्यौता दिया था.

पारी की शुरुआत करने आए तूफ़ानी बल्लेबाज़ हाशिम अमला और क्विंटन डी कॉक ने पहले विकेट की साझेदारी में तीस ओवर में 152 रन बनाये.

अमला का विकेट मोहम्मद शमी ने चटकाया जिन्होंने पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 88 गेंदों में 65 रन बनाये.

कॉक का साथ देने के लिए ज़ॉक कैलिस आये लेकिन ज़्यादा कुछ नहीं कर सके और महज़ दस रन बनाकर शमी की गेंद पर जडेजा को कैच थमा बैठे.

छक्कों की बारिश

लेकिन क्विंटन डी कॉक पिच पर डटे रहे जिन्होंने तीन छक्के और 18 चौकों से 121 गेंद में 135 रनों की ज़बर्दस्त पारी खेली. कॉक को विराट कोहली ने आउट किया.

चौथा विकेट कप्तान एबी डी विलियर्स की शक्ल में गिरा जिन्होंने छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 47 गेंदों में 77 रन बनाये.

एबी डी विलियर्स का विकेट भी मोहम्मद शमी की झोली में गिरा जिन्होंने कुल तीन विकेट चटकाये.

जेपी ड्यूमिनी 59 रन बनाकर नाबाद रहे जिन्होंने सबसे ज़्यादा पांच छक्के जड़े.

डेविड मिलर भी पांच रन बनाकर ड्यूमिनी के साथ आख़िर तक पिच पर डटे रहे.

इस तरह दक्षिण अफ़्रीका ने भारतीय गेंदबाज़ी की धज्जियां उड़ाते हुए पचास ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 358 रनों का लक्ष्य रखा.

भारत की ख़राब शुरुआत

359 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के लिए भारत की ओर से शिखर धवन और रोहित शर्मा मैदान में उतरे.

लेकिन ये जोड़ी छठवें ओवर में तब टूट गई जब मॉर्नी मॉर्केल की गेंद पर शिखर धवन ने कॉक के हाथ में अपना कैच थमा दिया.

वैसे शिखर धवन अच्छा खेल रहे थे और उन्होंने तीन चौकों की मदद से 13 गेंदों में 12 रन बनाये.

रोहित शर्मा का साथ देने विराट कोहली आये. कोहली भी अच्छा खेल रहे थे लेकिन रयान मैकलॉरेन की गेंद पर कैलिस को कैच दे बैठे. उनका निजी स्कोर रहा 35 गेंदों पर 31 रन.

दसवें ओवर में जब कोहली का विकेट गिरा, भारत का स्कोर 60 रन था.

फिर युवराज सिंह अपना खाता खोले बिना पवैलियन लौट गये. उन्हें भी मैकलॉरेन ने आउट किया.

तू चल मैं आया की तर्ज पर युवराज के बाद रोहित शर्मा मिलर ने रन आउट करा दिया और वे 43 गेंद पर केवल 18 रन ही बना सके.

इसके बाद सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पारी को संभालने की कोशिश की.

भारत का स्कोर 108 रन पर पहुंचा ही था कि रैना 14 रन बनाकर आउट हो गये.

नहीं चली कोई भी जोड़ी

रैना के जाने के बाद धोनी के साथ लंबी साझेदारी के इरादे से रवींद्र जडेजा आए.

जडेजा ने उम्दा बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए छह चौंकों की मदद से 30 गेंदों में 29 रन बनाए. ज़ॉक कैलिस ने उनका विकेट चटकाया. ये भारत का छठा विकेट था. तब भारत का स्कोर 158 रन था.

जडेजा के बाद धोनी के साथ मोर्चा संभाला अश्विन ने, जिन्होंने चार चौंकों की मदद से 17 गेदों में 19 रन बनाये.

अश्विन को मैकलॉरेन की गेंद पर कॉक ने लपका. सात विकेट के नुकसान पर भारत का स्कोर 183 रन था.

जुझारू धोनी

इसके बाद आये भुवनेश्वर कुमार को डेल स्टेन ने कैलिस के हाथों कैच आउट करा दिया. भुवनेश्वर कुमार भी युवराज सिंह की तरह बिना कोई रन बनाए पवैलियन लौट गये. ये भारत का आठवां विकेट था.

अब एक छोर पर धोनी और दूसरे छोर पर मोहित शर्मा थे. इसी बीच 38वें ओवर में धोनी ने छक्का जड़ा जो भारतीय पारी में लगा पहला छक्का था. इसके साथ ही धोनी का अर्धशतक और भारत के 200 रन पूरे हुये.

लेकिन धोनी का जुझारुपन भी 41वें ओवर में तब जवाब दे गया जब डेल स्टेन ने उन्हें आउट 65 रनों पर आउट कर दिया. ये भारत का नौंवा विकेट था.

धोनी के जाने के बाद मोहम्मद शमी आये लेकिन स्टेन ने उन्हें भी चलता कर दिया और इसी के साथ भारतीय पारी का कुल 217 रनों पर पतन हो गया.

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