सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बीच जूनियर हॉकी विश्वकप शुरू

जूनियर हॉकी विश्व कप प्रतिस्पर्द्धा के लिए भारत की टीम.

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में हॉकी के गिरते स्तर को लेकर चिंता जताते हुए गुरुवार को कहा है कि इसकी वजह राजनीति है.

इसी के साथ कोर्ट ने कहा, "खेल महासंघों का नेतृत्व कारोबारियों की बजाय खिलाड़ियों को करना चाहिए. इनका स्तर उठाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं और यह चिंता का विषय है."

भारतीय हॉकी फेडरेशन और हॉकी इंडिया दोनों ही इस खेल पर अपने अधिकार का दावा करते हैं. हॉकी इंडिया ने दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी थी और उसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस खेल को लेकर ये टिप्पणी की.

(उगते सूरज को तो सब सलाम करते हैं...)

इन दिनों एक तरफ जहां सभी खेल प्रेमियों की निगाहें भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही एकदिवसीय सिरीज़ पर लगी हुई है, वहीं दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम में शुक्रवार से जूनियर पुरुष विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट शुरू हो रहा है.

इस टूर्नामेंट में मेज़बान भारत सहित कुल मिलाकर 16 टीमें भाग ले रही हैं. भारतीय हॉकी टीम की कमान युवा खिलाड़ी मनप्रीत सिंह के हाथों में सौंपी गई है. टीम में अनुभवी कोथाजीत सिंह, मालक सिंह, मनदीप सिंह और गुरजिंदर सिंह के साथ-साथ अमित रोहिदास भी शामिल हैं. अमित रोहिदास को टीम का उपकप्तान बनाया गया है.

फाइनल

इस विश्व कप में सभी 16 टीमों को चार पूलों में बांटा गया है. मेज़बान भारत को पूल-सी में हॉलैंड, दक्षिण कोरिया और कनाडा के साथ रखा गया है. इस टूर्नामेंट में भारत अपने अभियान की शुरुआत शुक्रवार को ही हॉलैंड के ख़िलाफ़ करेगा. इस टूर्नामेंट की सबसे शक्तिशाली टीमों में जर्मनी, हॉलैंड, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना भी शामिल हैं.

पूल-सी में भारत के अलावा पूल-ए में जर्मनी, पाकिस्तान, बेल्जियम और मिस्र हैं. पूल-बी में ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, अर्जेंटीना और फ्रांस हैं तो पूल-डी में इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और मलेशिया शामिल हैं. जूनियर विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट का पहला मैच शुक्रवार को दक्षिण कोरिया और कनाडा के बीच खेला जाएगा.

वैसे इस टूर्नामेंट के कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन आठ मैच खेले जाएंगे यानी सभी 16 टीमें एक ही दिन मैदान में उतरेंगी.

भारत के दृष्टिकोण से हॉलैंड के ख़िलाफ होने वाला पहला ही मैच बेहद महत्वपूर्ण हैं. क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए किसी भी टीम को कम से कम दो मैच जीतने ज़रूरी हैं. इस लिहाज़ से भारत के पूल में केवल कनाडा की टीम थोड़ी सी कमज़ोर मानी जा रही है अन्यथा दक्षिण कोरिया भी एक बेहतरीन टीम हैं.

(भारतीय लड़कियों का कमाल)

इस टूर्नामेंट का फाइनल 15 दिसंबर को खेला जाएगा.

भारत जूनियर स्तर के इस टूर्नामेंट को एक बार साल 2001 में अपने नाम कर चुका हैं.

शानदार प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया में हुए साल 2001 के विश्व कप के फाइनल में भारत ने अर्जेंटीना को मात दी थी. इसके अलावा भारत साल 1997 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप में उपविजेता रह चुका है तब फ़ाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने हराया था.

भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को उम्मीद है कि टीम इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है. उनके इस भरोसे की सबसे बड़ी वजह पिछले दिनों इस टीम को मिला अनुभव है.

लगभग इसी टीम ने पिछले दिनों सुल्तान जौहर कप जीता था और इसके अलावा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भी भाग लिया था.

इस जूनियर भारतीय हॉकी टीम में वे खिलाड़ी भी शामिल हैं जो पहली हॉकी इंडिया लीग में खेल चुके हैं.

इसके अलावा हॉकी इंडिया लीग के दूसरे संस्करण की नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी के रूप में उभरकर सामने आने वाले रमनदीप सिंह भी शामिल हैं.

अब ये मुक़ाबले बस शुरू ही होने वाले हैं और देखना है कि भारतीय टीम हकीकत में कैसा खेल दिखाती है.

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