न्यूज़ीलैंड दौराः नए साल में नेपियर में भारत का पहला वनडे

  • 18 जनवरी 2014
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रविवार को जब भारत में खेल प्रेमी ख़ासकर क्रिकेट प्रेमी सुबह-सुबह चाय की चुस्किया ले रहे होंगे और उसी समय भारतीय क्रिकेट टीम न्यूज़ीलैंड से नेपियर में पांच एकदिवसीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच खेल रही होगी.

सभी एकदिवसीय मैच भारतीय समय के अनुसार सुबह के साढ़े छह बजे से शुरू होंगे. भारत न्यूज़ीलैंड में दो टेस्ट मैच भी खेलेगा. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आज तक इससे पहले छह एकदिवसीय सिरीज़ खेली गई है.

साल 1975-76 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को दो मैचों की सिरीज़ में 2-0 से, 1980-81 में एक बार फिर दो मैचों की सिरीज़ में भारत को 2-0 से मात दी थी. साल 1993-94 में चार मैचोंं की सिरीज़ 2-2 से बराबरी पर रही. 1998-99 में पांच मैचों की सिरीज़ भी 2-2 से बराबरी पर छूटी.

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इसके बाद साल 2002-03 में सात मैचों की सिरीज़ न्यूज़ीलैंड ने 5-2 से अपने नाम की लेकिन साल 2008-09 में पांच मैचों की सिरीज़ भारत 3-1 से जीतने में कामयाब रहा और वह भारत की न्यूज़ीलैंड में पहली एकदिवसीय सिरीज़ में मिली जीत थी.

सलामी बल्लेबाज

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तब भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पास सलामी जोड़ी के रूप में तूफानी वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर थे. इसके अलावा सचिन तेंदुलकर, ख़ुद धोनी और युवराज सिंह पूरी फ़ॉर्म में थे. कप्तान धोनी की इस वर्तमान टीम के अधिकतर खिलाड़ी तो पहली बार न्यूज़ीलैंड में खेलेंगे. इससे पहले भारत अपने पिछले दौरे में दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सिरीज़ 2-0 से हारा था.

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न्यूज़ीलैंड में भारत की कामयाबी सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन और रोहित शर्मा के साथ-साथ विराट कोहली, सुरेश रैना और धोनी पर निर्भर करेगी. अगर बल्लेबाज़ रन बनाएंगे तो गेंदबाज़ भी कुछ कर सकेंगे. वैसे भी गेंदबाज़ी में अनुभव के नाम पर भारत के पास एकदिवसीय सिरीज़ मे केवल इशांत शर्मा ही है जो पिछले दौरे पर न्यूज़ीलैंड में खेले थे.

भुवनेश्वर कुमार, मौहम्मद शमी अहमद, ईश्वर पांडेय, उमेश यादव और वरुण एरोन के रूप में कहने को तो पांच-पांच तेज़ गेंदबाज़ भारतीय टीम में है लेकिन इनमें से किसी भी गेंदबाज़ में निरंतरता देखने को नही मिली और ना ही कोई मैच जिताऊ लगता है.

टीम का दारोमदार

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अब जबकि न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो ने कहा है कि न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ो टिम साउथी, मिल्स और मिलान को भारत के शीर्ष छह बल्लेबाज़ो को निशाना बनाना चाहिए. इसके अलावा पिचें पर हरियाली और उनमें नमी होनी चाहिए.

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अब क्रो के इस सुझाव को लेकर भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं, "अपनी घरेलू परिस्थिति का फ़ायदा तो सभी को मिलता है लेकिन अगर उन्होंने तेज़ पिचें बनाने की कोशिश की तो भारतीय गेंदबाज़ो को भी लाभ होगा. न्यूज़ीलैंड को समझना होगा कि अब भारतीय टीम की हालत पहले जैसी नही है कि उसके पास एकाध तेज़ गेंदबाज़ हों."

"लिहाज़ा न्यूज़ीलैंड को तेज़ पिचें बनाने से पहले सोचना होगा. दूसरी तरफ भारतीय बल्लेबाज़ी को लेकर मनिंदर सिंह मानते है कि शिखर धवन की फॉर्म थोड़ी चिंता की बात है. शिखर धवन टेस्ट मैच में भी भारत के लिए सलामी बल्लेबाज़ी करते है इसलिए उनका फार्म में आना ज़रूरी है."

नंबर एक

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"विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में जिस तरह की शानदार बल्लेबाज़ी की उसे देखते हुए सबसे अधिक उम्मीदे उन्हीं से रहेगी. वह नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने आते है ऐसे में अगर पहला विकेट जल्दी गिर जाता है तो सारा दारोमदार उन पर आ जाएगा इसलिए विराट पूरी भारतीय टीम की धुरी साबित होंगे."

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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले मैचों को लेकर मनिंदर सिंह का मानना है कि जिस तरह दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ एकदिवसीय सिरीज़ बिलकुल एकतरफा हो गई थीं, इस बार ख़ैर वैसा होने की आशंका तो नही है. इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज़ो को एकदिवसीय क्रिकेट के नए तूफानी बल्लेबाज़ कोरी एंडरसन, जेसी राइडर, रोस टेलर, कप्तान ब्रेंडन मेकुलम और ल्यूक रोंची से बचकर रहना होगा.

भारत एकदिवसीय रैंकिंग में पहले स्थान पर है और न्यूज़ीलैंड आठवें पर. भारत अगर सिरीज़ हारा तो फिर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड में से कोई भी एक टीम नंबर एक बन जाएगी, ऐसे में नंबर एक बने रहने के लिए भारत को एकदिवसीय सिरीज़ जीतनी ही होगी.

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