आख़िर पीटरसन को क्यों हटाया गया?

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इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा है कि टीम के खिलाड़ियों को एकदूसरे पर भरोसा करने की ज़रूरत है और यही कारण है कि दिग्गज बल्लेबाज़ केविन पीटरसन के अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगाया गया.

ईसीबी पर आरोप लग रहा था कि वह पीटरसन को बाहर किए जाने के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे रहा है.

33 साल के पीटरसन को ऑस्ट्रेलिया के हाथों एशेज सिरीज़ में 0-5 मिली हार के बाद केंद्रीय अनुबंध से मुक्त कर दिया गया था.

लेकिन रविवार को ईसीबी ने कहा कि वह इंग्लिश टीम में ऐसी संस्कृति विकसित करना चाहता है जिसमें सभी खिलाड़ियों का टेस्ट और वनडे कप्तान एलेस्टर कुक के लिए पूरा समर्थन हो.

ऑस्ट्रेलिया दौरे में इंग्लैंड की तरफ़ से सर्वाधिक रन बनाने के बावजूद सरे के बल्लेबाज़ पीटरसन सिरीज़ में कई बार जिस तरह से आउट हुए उसके लिए उनकी आलोचना हुई.

करियर पर विराम

ईसीबी ने पीटरसन को वेस्टइंडीज दौरे और ट्वेन्टी-20 विश्वकप के लिए नज़रअंदाज करके उनके करियर पर विराम लगा दिया है.

ईसीबी ने शुरुआत में उन कारणों का सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था जिनकी वजह पीटरसन को बाहर किया गया. राष्ट्रीय चयनकर्ता जेम्स व्हिटेकर ने गुरुवार को केवल इतना कहा कि यह टीम के 'पुनर्निर्माण का समय' है.

लेकिन ईसीबी ने अब प्रोफ़ेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन के साथ एक संयु्क्त बयान में पीटरसन के बाहर का रास्ता दिखाए जाने के कारणों के बारे में जानकारी दी है.

बयान के मुताबिक़, "ऑस्ट्रेलिया में मिली करारी शिकस्त के बाद इंग्लिश टीम को फिर से खड़ा करने की ज़रूरत है. इसके लिए टीम के खिलाड़ियों के बीच एकदूसरे के प्रति भरोसा और कप्तान कुक के लिए समर्थन की ज़रूरत है."

ईसीबी ने कहा, "इन्हीं कारणों के चलते पीटरसन के बिना टीम को आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया गया."

इससे पहले ईसीबी की तरफ़ से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं देने के कारण इंग्लिश ड्रेसिंग रूम में नाराज़गी की ख़बरें आ रही थीं.

आलोचना

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विकेटकीपर मैट प्रायर ने टीवी प्रस्तोता पीयर्स मोर्गन के इन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने टीम डायरेक्टर एंडी फ्लावर की खुलेआम आलोचना की थी.

फ्लावर ने इससे पहले इन आरोपों का खंडन किया था कि जनवरी में पद छोड़ने से पहले उन्होंने ईसीबी को उनमें या पीटरसन में से किसी एक को चुनने की सलाह दी थी.

ईसीबी ने कहा, "क्रिकेट की दुनिया के बाहर के कुछ लोगों ने भी आरोप लगाए जिसमें ईसीबी के फ़ैसले के और इंग्लिश टीम के डायरेक्टर तथा खिलाड़ियों की निष्ठा पर सवाल उठाए गए."

बोर्ड ने कहा, "ड्रेसिंग रूम में जो कुछ होता है उसे वहीं तक सीमित रहना चाहिए और इसका टीम के बाहर के लोगों से कोई लेनादेना नहीं है."

ईसीबी ने कहा, "किसी भी खेल में यह टीम भावना का आधारभूत सिद्धांत है और इस तरह की कोई भी काम भरोसे और टीम भावना का उल्लंघन होगा."

बोर्ड ने कहा, "इस सिद्धांत का सम्मान करते हुए यह बात बतानी ज़रूरी है कि आलोचकों का निशाना बने एंडी फ्लावर, एलेस्टर कुक और मैट प्रायर को एशेज दौरे में शामिल सभी दूसरे खिलाड़ियों का समर्थन और सम्मान प्राप्त है."

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