बीसीसीआई से कोई उम्मीद नहीं: प्रदीप मैगज़ीन

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क्रिकेट मामलो के जानकार और क्रिकेट में मैच फ़िक्सिंग जैसे मसलों को बहुत पहले उठा चुके प्रदीप मैगज़ीन के अनुसार मुकुल मुदगल की रिपोर्ट का बड़ा महत्व है.

प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं, ''अगर दूरगामी परिणामों की बात करें तो यह सब सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह रिपोर्ट के आधार पर क्या निर्णय लेती है. वह कुछ ना कुछ तो ज़रूर कहेगी क्योंकि जांच पैनल का गठन उसी ने किया है. इस मामले में बीसीसीआई से कोई उम्मीद नही है क्योंकि एन श्रीनिवासन तो अब आईसीसी के अध्यक्ष भी बनने जा रहे हैं और उन्होंने तो पिछले दिनों आईसीसी के भी घुटने टिकवा दिए.''

लेकिन आईपीएल के पूर्व कमिशनर और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने बहुत सावधानी बरतते हुए कहा कि सबको सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए.

शुक्ला का कहना था, ''मुदगल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दी है जबकि एक सदस्य की इसमें सहमति नही है. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हमें इंतज़ार करना चाहिए.''

ग़ौरतलब है कि 2013 में आईपीएल में कथित तौर पर मैच फ़िक्सिंग की बात सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस मुकुल मुदगल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था.

इस कमेटी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रिपोर्ट में बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मेयप्पन को मैच की जानकारियां सट्टेबाज़ों के साथ शेयर करने का दोषी पाया गया है.

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मेयप्पन उस समय चेन्नई सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल थे.

जाने माने क्रिकेट समीक्षक और दिल्ली डेयरडेविल्स के मीडिया मैनेजर रह चुके वी कृष्णास्वामी कहते हैं कि जस्टिस मुकुल मुदगल की रिपोर्ट से यह साबित होता है कि इससे पहले जो कुछ इसे लेकर सुना गया, उसमें थोडा बहुत सच हो सकता है.

उनका कहना था, ''अब तक जब भी इस तरह की बात उठती थी उसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता था. मुकुल मुदगल जिनका क्रिकेट को लेकर गहरा लगाव भी है वह अगर चार महीने बाद ऐसी रिपोर्ट दे रहे हैं तो उसे ग़ौर से देखना बहुत ज़रूरी है.''

'गंभीर चिंता का विषय'

कृष्णास्वामी ने आगे कहा, ''यह जानना बहुत ज़रूरी है कि इस रिपोर्ट के बाद बीसीसीआई के अधिकारी श्रीनिवासन को किस नज़र से देखेंगे क्योंकि किसी भी टीम के अधिकारी पर आरोपों के बाद टीम को आईपीएल से निलंबित भी किया जा सकता है. इस टीम पर भारी भरकम पैसा लगाया गया है और इसी टीम के कप्तान भारत के कप्तान भी हैं तथा भारतीय टीम के कई सदस्य इसी टीम से खेलते हैं.''

वही भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ अतुल वासन का इस मसले को लेकर कहना है कि अगर टीम के कर्ता-धर्ता ही मैच फ़िक्सिंग न सही बेटिंग में ही लिप्त पाए जाते हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है.

वासन के अनुसार ये देखना दिलचस्प होगा कि अब बोर्ड इस मामले में क्या अनुशासनात्मक क़दम उठाएगा क्योंकि उसके अध्यक्ष तो ख़ुद श्रीनिवासन हैं.

रिपोर्ट से आईपीएल की छवि के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए वासन ने कहा, ''उसे तो सबसे बडा धक्का तभी लगा था जब टीम से जुडे गुरूनाथ मेयप्पन का नाम सामने आया था. अब यह तो नैतिकता का सवाल है क़ायदे-क़ानून का नही. जब कोर्ट सीधे-सीधे एक व्यक्ति पर आरोप लगा रहा है तो अब गेंद बोर्ड के पाले में है कि वह क्या क़दम उठाता है.''

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आईपीएल मामलों को अक्सर ज़ोर-शोर से उठाने वाले पूर्व क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद कीर्ति आज़ाद कहते हैं कि आईपीएल ही ऐसा क्यों है जिसमें स्पॉट फ़िक्सिंग, मैच फ़िक्सिंग, ड्रग पार्टी, रेव पार्टी, दुर्व्यवहार जैसी अलग-अलग घटनाएं होती हैं.

आज़ाद कहते हैं, ''हर फ्रेंचायज़ी और फ़िल्म स्टार आईपीएल को विवादो में रखना चाहता है, जिससे वह लगातार सुर्ख़ियों में बना रहे. जब तक एन्फ़ोर्समेंट डिपार्टमेंट तह तक जाकर इसकी जांच नहीं करेगा तब तक यह सब राजनीतिक लोग इक्कठे होकर चोरी करते रहेंगे.''

पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई के लिए पूर्व चेतावनी है, ख़ासकर आईपीएल के लिए.

मनिंदर के अनुसार इन सब वजहों से आईपीएल की छवि पर द़ाग लगते है जबकि क्रिकेट के लिए यह एक बेहतरीन प्लेटफ़ार्म है.

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