फुटबॉल विश्वकप पर वेब 'ख़तरा'

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ब्राज़ील से मिल रही ख़बरों में कहा गया है कि इसी वर्ष जून में होने वाले फ़ीफ़ा विश्वकप के आयोजन में कुछ लोग इंटरनेट के ज़रिए बाधा पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं.

कुछ अज्ञात लोगों ने एक समूह बनाया है जिसने आधिकारिक वेबसाइटों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है.

फ़ुटबॉल विश्व कप के आयोजन के ख़िलाफ़ ब्राज़ील में विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं. कुछ लोग इस महंगे आयोजन को फ़िज़ूलख़र्ची बता रहे हैं. फ़ीफ़ा विश्वकप के आयोजन पर 8.4 अरब पाउंड की लागत आने का अनुमान है.

वहीं ब्राज़ील की सेना भी स्वीकार कर चुकी है कि वह इस आयोजन को पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकेगी. सेना का यह भी कहना है कि वह संभावित ख़तरों से निपटने के लिए तैयार रहेगी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ऐसे ही एक प्रदर्शनकारी एडुरडा डायोरेट्टो के हवाले से ख़बर दी है. ''हमने अपनी योजना पहली ही बना ली है...मुझे नहीं लगता है कि हमें रोकने के लिए वह बहुत कुछ कर सकते हैं..''

ख़बरों के मुताबिक़, आयोजन का विरोध कर रहे इन लोगों का कहना है कि फ़ीफ़ा विश्वकप दुनियाभर के दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा. यह फ़ीफ़ा, ब्राज़ील की सरकार और कॉर्पोरेट प्रायोजकों की वेबसाइटों को निशाना बनाने का अच्छा अवसर होगा.

'तेज़ और आसान'

अपना नाम चे कोमोडोरे बताने वाले एक प्रदर्शनकारी का कहना है, ''आधिकारिक वेबसाइट और प्रायोजक कंपनियों की वेबसाइट पर हमला किया जाएगा.''

कोमोडोरे ने रॉयटर्स को बताया, ''यह सब कुछ बड़ी तेज़ी से होगा. इससे नुक़सान पहुंचेगा और करने में यह सब अपेक्षाकृत सरल भी होगा.''

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उनका कहना है कि ब्राज़ील के आम लोगों को परेशान नहीं किया जायेगा. संभावित ख़तरे के मद्देनज़र ब्राज़ील की सरकार ने भी कुछ तैयारियां की हैं लेकिन कोमोडोरे का कहना है कि वह अपनी सफलता के प्रति आश्वस्त हैं.

इसी तरह अपना नाम बिली डे बताने वाले एक प्रदर्शनकारी का कहना है, ''इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है. सुरक्षा बहुत कम रहती है.''

समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि उसने इस तरह के जिन प्रदर्शनकारियों से ऑनलाइन सम्पर्क किया, उनकी असल पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.

ब्राज़ील की साइबर कमांड के प्रमुख डोस सेंटोस का कहना है, ''किसी भी देश के लिए यह कहना मुश्किल है कि वह किसी ख़तरे से निपटने के लिए सौ प्रतिशत तैयार है. लेकिन संभावित साइबर ख़तरों से निपटने की तैयारी कर ली गई है.''

वहीं फ़ीफ़ा के एक प्रवक्ता ने ऑनलाइन सिक्योरिटी के बारे में किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

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