फ़ीफ़ा अध्यक्ष ब्लैटर पर अगले साल पद छोड़ने का दबाव

सेप ब्लैटर इमेज कॉपीरइट Reuters

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़ुटबॉल की प्रशासकीय संस्था फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर की एक बार फिर अध्यक्ष बनने की कोशिश पर पानी फिर सकता है. दरअसल यूरोपीय फ़ुटबॉल संघों की ओर से उन्हें कहा गया है कि उन्हें अगले साल पाँचवीं बार फ़ीफ़ा का अध्यक्ष बनने की होड़ में शामिल नहीं होना चाहिए.

इन संघों का कहना है कि ब्लैटर की अगुआई में फ़ीफ़ा को भ्रष्टाचार के कई मुद्दों का सामना करना पड़ा है और उसकी छवि ख़राब हुई है.

डच फ़ुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख माइकल वैन प्राग ने ब्लैटर को कह दिया है कि उन्हें 2015 में यानी अगले साल फिर से अध्यक्ष बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

वैन प्राग का कहना था कि कुछ लोग अब भी फ़ीफ़ा को काफ़ी गंभीरता से लेते हैं और संगठन के मौजूदा हालात को जिस भी नज़रिए से देखा जाए उसके लिए मुख्य रूप से ब्लैटर ही ज़िम्मेदार नज़र आते हैं.

वैन प्राग ने कहा है कि ब्लैटर को फ़ीफ़ा के स्कैंडलों की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें बता दिया है कि ये निजी हमला नहीं है क्योंकि मैं उनका सम्मान करता हूँ. मैं उन्हें पसंद करता हूँ. मगर फ़ीफ़ा के कार्यकारी अध्यक्ष का मतलब है कि आप एक ज़िम्मेदार पद पर हैं और फ़ीफ़ा में जो कुछ भी हो रहा है उसकी अंतिम ज़िम्मेदारी आपकी ही है."

इधर इंग्लैड की फ़ुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख ग्रेग डाइक ने कहा है कि 2022 के विश्व कप के आयोजन की मेज़बानी क़तर को दिए जाने के मामले में जो भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं उनके प्रति ब्लैटर की प्रतिक्रिया चिंताजनक है.

नस्लभेद के आरोप

संडे टाइम्स अख़बार में आरोप लगाए गए थे कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर चुके क़तर के फ़ुटबॉल अधिकारी मोहम्मद बिन हम्माम ने विश्व कप की मेज़बानी क़तर को दिलाने के लिए अधिकारियों को अवैध भुगतान किया था. डाइक ने कहा है कि उन आरोपों की जाँच होनी चाहिए.

फ़ीफ़ा पर वैसे पिछले कुछ सालों से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और इस समय वह ये साबित करने में लगी है कि 2018 और 2022 के विश्व कप के आयोजक तय करने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं थी.

डच फ़ुटबॉल एसोसिएशन के वैन प्राग ने कहा है कि हाल के वर्षों में जो कुछ भी हुआ है उससे फ़ीफ़ा की छवि ख़राब हुई है.

वैन प्राग के इस बयान से एक दिन पहले ही ब्लैटर ने कहा था कि क़तर को 2022 के विश्व कप की मेज़बानी देने के पीछे जो लोग भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं वे नस्लभेद से प्रेरित हैं.

इस पर इंग्लैंड के फ़ुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख ग्रेग डाइक कहा कि इस तरह का बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है.

उन्होंने ये भी कहा कि जो भी आरोप लगाए गए हैं उनसे नस्लभेद का कोई लेना-देना नहीं है. वे भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

इससे पहले यूरोपीय फ़ुटबॉल संघों की यूनियन यूईएफ़ए के उपाध्यक्ष डेविड गिल ने ब्लैटर से इस्तीफ़ा देने के लिए भी कहा था.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप बीबीसी हिंदी से फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ सकते हैं.)

संबंधित समाचार