फ़ीफ़ा: इटली और इंग्लैंड पर होगी नज़र

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ब्राज़ील में हो रहे विश्व कप फ़ुटबॉल टूर्नामेंट में शनिवार को चार मैच होंगे. इनमें ग्रुप-सी में शामिल कोलंबिया का सामना यूनान से और आईवरी कोस्ट का सामना जापान से होगा.

वहीं ग्रुप-डी में उरुग्वे का सामना कोस्टारिका से और इंग्लैंड का सामना इटली से होगा.

जाने माने फ़ुटबॉल समीक्षक नोवी कपाड़िया इन मुक़ाबलों को लेकर कहते है कि अगर बात उरुग्वे और कोस्टारिका के बीच मैच की हो, तो उरुग्वे को हर हाल में यह मैच जीतना चाहिए. इसके बाद तो उसका हर मुक़ाबला बड़ा कठिन है. एक बार की चैंपियन इंग्लैंड और चार बार की चैंपियन इटली से उसकी कड़ी टक्कर होगी, जिनसे पार पाना आसान नहीं होगा. इसके अलावा यह भी देखना होगा कि उनके लुइस सुआरेज़ की फ़ॉर्म कैसी है. वैसे उरुग्वे 1930 और 1950 की चैंपियन टीम है.

दूसरी तरफ़, कोलंबिया और यूनान दो अलग-अलग शैली की फ़ुटबॉल खेलती है. कोलंबिया आक्रामक फ़ुटबॉल खेलने में विश्वास रखती है, तो यूनान रक्षण पर अधिक ध्यान देती है. छोटे-छोटे हमलों का पूरा लाभ उठाती है. यह मैच यूरोपियन और दक्षिण अमरीकी शैली के बीच होगा. दोनों टीमें विश्व कप के हिसाब से समान ग्रुप में हैं. दोनों टीमों की कोशिश पहला मैच जीतकर तीन अंक लेने की होगी. इस मैच के बेहद नज़दीक रहने की उम्मीद है.

इसके अलावा शनिवार को एक बेहद अहम मुक़ाबले में इंग्लैंड और इटली आमने-सामने होंगे.

आंद्रिया पिरलो पर नज़र

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नोवी कपाड़िया के मुताबिक़ इस मैच को भी नीदरलैंड्स-स्पेन जैसे मुक़ाबले की तरह देखा जाएगा. इस पर भी सभी फुटबाल प्रेमियों की निगाहें रहेंगी. इनके अलावा इस सप्ताह का एक और बड़ा मैच जर्मनी और पुर्तगाल के बीच होगा.

इटली के आंद्रिया पिरलो पर सबकी नज़रें रहेंगी. वह टीम के लिए सबसे बेहतरीन पास निकालते हैं. उनके अलावा स्ट्राइकर मारियो बालोतली अगर अपनी फ़ॉर्म में रहे, तो गोल कर सकते हैं. जबकि इंग्लैंड के वेन रूनी अपना तीसरा विश्व कप खेल रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई गोल विश्व कप में नहीं किया है. वह अपना जो जलवा मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए दिखाते हैं, यहां भी दिखा सकते हैं.

टीम के कप्तान स्टीवन जेरार्ड अपना तीसरा और शायद आखिरी विश्व कप खेल रहे हैं. वह भी बहुत अच्छे और नपे-तुले पास देते हैं और लिवरपूल के लिए खेलने वाले रहीम स्टरलिंग केवल 19 साल के खिलाड़ी हैं जो पूरे जूनून से खेलते हैं. इनके खेल पर सबकी नज़र रहेगी.

वहीं, आईवरी कोस्ट और जापान के बीच होने वाला मुक़ाबला एशिया और अफ्रीका के बीच है. जापान एशिया चैंपियन भी रहा है. उसके कई खिलाड़ी यूरोप में पेशेवर फुटबॉल भी खेलते हैं. दूसरी तरफ़, आईवरी कोस्ट के पास कप्तान ड्रोग्बा के अलावा याया तूरे, कोलो तूरे जैसे जाने-पहचाने खिलाड़ी हैं. पिछले दो विश्व कप में उन्हें बड़े कठिन ग्रुप मिले थे जिसकी वजह से वह आगे नहीं निकल सके. इस साल उन्हें कठिन ग्रुप नहीं मिला है. उन्हें अवसर मिला है कि कुछ कर दिखाएं.

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