इंग्लैंड बनाम उरुग्वे: जो हारा वो बाहर

  • 19 जून 2014
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इंग्लैंड के वेन रूनी को मौजूदा फ़ुटबॉल जगत के सबसे रहस्यमय खिलाड़ियों में से एक माना जाता है. अपने क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए जब वो खेलते हैं तो उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहता है. तब उनका नाम मेसी, नेमार और रोनाल्डो जैसे विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के साथ शुमार किया जाता है.

(इटली की इंग्लैंड पर जीत)

लेकिन रूनी का यही जादू तब दिखाई नहीं पड़ता जब वो इंग्लैंड के लिए खेलते हैं.

गुरुवार को ग्रुप डी के अपने दूसरे मैच में इंग्लैंड जब उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच में उतरेगी तो सवाल यही रहेगा कि कोच रॉय हॉजसन क्या रूनी को मैदान में उतारेंगे?

नाख़ुश हैं रूनी ?

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Image caption वेन रूनी, कथित तौर पर इंग्लैंड के कोच रॉय हॉजसन से नाराज़ हैं.

दरअसल रूनी कथित तौर पर कोच हॉजसन की रणनीति से ख़ुश नहीं हैं. क्योंकि हॉजसन उन्हें जिस पोज़ीशन में खिलाना चाहते हैं उसमें खेलने के लिए रूनी तैयार नहीं.

(स्पेन विश्व कप से बाहर)

लेकिन रूनी बहुत बड़े स्टार हैं और उन्हें मैच विनर माना जाता है इसलिए उन पर निगाहें होंगी.

ग्रुप डी को ग्रुप ऑफ़ डेथ कहा जा रहा है. उरुग्वे और इंग्लैंड दोनों अपने पहले मैच हार चुकी हैं. इंग्लैंड को मज़बूत इटली ने 2-1 से हराया था जबकि उरुग्वे, ग्रुप डी की सबसे कमज़ोर मानी जाने वाली टीम कोस्टा रिका से 1-3 से हार चुका है.

जो हारेगा वो बाहर

ऐसे में दोनों ही टीमों के लिए ये मैच जीतना बेहद ज़रूरी है. जो टीम हारेगी वो टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी.

ये मैच साओ पालो में खेला जाएगा जहां उतनी गर्मी नहीं पड़ती ऐसे में मौसम इंग्लैंड को मदद दे सकता है.

(जीत का जश्न)

फ़ुटबॉल विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया कहते हैं कि उरुग्वे की उम्मीदें लुई सुआरेज़ पर टिकी हैं जो पिछले महीने हुई घुटने की सर्जरी के बाद उबर रहे हैं.

उरुग्वे के कोच ऑस्कर तबारेज़ ने कहा, "हालांकि सुआरेज़ सौ फ़ीसदी फ़िट नहीं है. लेकिन वो हमारे लिए इतने अहम हैं कि उसके बावजूद वो महत्तवपूर्ण योगदान दे सकते हैं. ऐसे में हम उन्हें खिला सकते हैं."

किसका पलड़ा भारी?

दोनों टीमों में से किसके पास बेहतर अवसर हैं. इस सवाल पर नोवी कपाड़िया कहते हैं, "उरुग्वे की रक्षा पंक्ति बुज़ुर्ग हो चुकी है. जबकि इंग्लैंड के पास युवा खिलाड़ी हैं. भागने वाले खिलाड़ी हैं."

नोवी की मानें तो मुक़ाबला बेहद दिलचस्प होगा. वे कहते हैं, "उरुग्वे के कई खिलाड़ी सिर्फ़ अपनी पुरानी प्रतिष्ठा के आदार पर खेल रहे हैं. डिएगो फ़ोर्लान में अब पहले जैसी बात रही नहीं. लेकिन फिर भी मुक़ाबला दिलचस्प रहेगा क्योंकि उरुग्वे की टीम में आख़िर तक डटे रहने का माद्दा है."

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इसके अलावा ग्रुप सी में कोलंबिया और आइवरी कोस्ट की टीमें आमने-सामने होंगी. दोनों ही टीमें अपने पहले मैच जीत चुकी हैं. इसलिए मुक़ाबला अच्छा रहने की उम्मीद हैं. इसी ग्रुप में जापान और ग्रीस की टीमें भिडेंगी.

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