फ़ीफ़ा डायरी: अल्जीरियाई खिलाड़ियों को नहीं मिलेगी शराब

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अल्जीरियाई टीम शुक्रवार को पोर्टो अलेग्रे पहुंची. मगर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ़ के पहुंचने से पहले सुरक्षाकर्मियों की एक टीम होटल पहुंच चुकी थी ताकि खाने की जांच कर सके, जिसे खिलाड़ियों को परोसा जाना था.

इस टीम ने सभी रेफ्रिज़रेटरों से शराब को हटाने के आदेश दिए और मक्का की दिशा में एक प्रार्थना का कमरा बनाने को कहा.

होटल डेविले के मैनेजर नेल्सन गार्सिया ने बताया, "वे सभी मुसलमान हैं. इसलिए हमने उनके आवेदन पर सभी मिनी बार से अल्कोहल हटाने के आदेश दिए हैं. इसलिए अब कोई शराब नहीं."

नेल्सन गार्सिया ने पोर्टो अलेग्रे में टीम का स्वागत किया. दूसरे मेहमानों से अलग इस पूरे फ़्लोर पर शराब नहीं मिलेगी.

इसके साथ ही होटल में मौजूद टीम के सहयोगियों ने उनकी धार्मिक गतिविधियों के लिए इंतज़ाम किए.

ईरान का मिशन मैसी

फ़ुटबॉल विश्व कप की सबसे कमज़ोर मानी जाने वाली टीम ईरान का सबसे मुश्किल मिशन शनिवार को शुरू होगा, जब यह अर्जेंटीना और इस टीम के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मैसी का सामना करेंगे और अपने पहले मैच में ही पहली जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे.

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मैसी की क्षमताओं को जानकर ईरानी टीम के पुर्तगाली कोच कार्लोस क्वेरोज़ ने एक मशीन का इस्तेमाल किया था, जो गोलकीपर अलीज़ेरा हाग़िनी की तरफ़ गेंद दागती थी. इन शॉट्स को तेज़ रफ़्तार के साथ फेंका जाता था, जैसे मैसी और उनके साथी करते रहे हैं.

क्वेरोज़ इस मैच की मुश्किलों से काफ़ी चिंता में हैं. मज़ाकिया लहज़े में उन्होंने कहा भी कि वह मैसी का सामना करने के लिए 14 खिलाड़ियों के साथ खेलना चाहेंगे.

मैसी के बारे में उनका कहना था, "वह दुनियाभर में सर्वोत्तम हैं." शनिवार को अर्जेंटीना और ईरान का मुक़ाबला बेलो हॉरीज़ॉन्टे में होगा.

दक्षिण अमेरिकी इस मैच में दूसरी जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे ताकि उन्हें दूसरे दौर में जगह मिल सके.

अच्छे खेल के लिए कुछ भी

चिली की फ़ुटबॉल एसोसिएशन उन 87 प्रशंसकों को दंडित करने के बारे में सोच रही है, जिन्होंने बुधवार रात स्पेन के साथ मुक़ाबले के दौरान माराकाना स्टेडियम में घुसने की कोशिश की थी.

मगर लगता है कि इनमें से कुछ घुसपैठिए बगैर दंड पाए ही लापता हो चुके हैं. एक शिक्षक ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया, "मैंने दोनों गोल देखे थे. भीड़ भी ज़बर्दस्त थी."

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इस शिक्षक ने कहा कि स्टेडियम में घुसपैठ अचानक हुई थी. वह और उनके दोस्त कालाबाज़ारी से 800 डॉलर का टिकट लेने की तैयारी से आए थे, मगर वहां सबसे सस्ता टिकट 1500 डॉलर का मिल रहा था.

ऐसे में वह सुरक्षा कवच में किसी ख़ामी की गुंजाइश ढूंढने लगे ताकि उन्हें स्टेडियम में जाने का मौका मिल जाए.

उन्होंने बताया, "मैंने यहां तक कार से 700 किलोमीटर तक सफ़र किया था. मैं इस कप की वजह से सैंटियागो से रियो डि जनेरियो आया. मैं किसी भी हालत में स्पेन के ख़िलाफ़ मैच छोड़ना नहीं चाहता था."

जर्मनों की तरह सतर्क

जर्मन काउंसलेट ने ब्राज़ील आए अपने प्रशंसकों को कुछ सलाहें दी हैं ताकि फ़ुटबॉल की इस धरती पर उन्हें बुरे अनुभवों का सामना न करना पड़े.

इनमें सड़कों पर चलते हुए मोबाइल फ़ोन, घड़ियों, कैमरों को लेकर न चलने की सलाह के साथ-साथ अपना पासपोर्ट और क्रेडिट कार्ड लेकर न चलने को कहा गया है. आख़िर में एक चेतावनी वेश्यावृत्ति के बारे में है; वेश्याओं के साथ सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें.

जिन शहरों में यूरोपियन टीमें जाती हैं, वहां प्रशंसक खुद ही उन लोगों के लिए खास सेवाएं चला रहे हैं जो किसी समस्या में हैं या जिन्हें मदद चाहिए.

इस सेवा को फ़ैंस एंबेसी कहा जा रहा है और यह जर्मन फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन और स्थानीय सरकार की आर्थिक मदद से चलाई जा रही है.

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