क्या भारत इंग्लैंड को चुनौती दे पाएगा?

  • 22 जून 2014
भारतीय क्रिकेट टी के कप्तान, महेंद्र सिंह धोनी और कोच डंकन फ्लेचर इमेज कॉपीरइट PTI

भारतीय क्रिकेट टीम महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट, एकदिवसीय और टवेंटी-टवेंटी मैच की सिरीज़ खेलने के लिए रवाना हो गई है.

इंग्लैंड जाने से पहले भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शनिवार शाम को खेल पत्रकारों से रूबरू थे.

उन्होंने आगामी सिरीज़ से जुड़ी चुनौतियों से जुड़े सवालों के अपने ही अंदाज़ में जवाब दिए.

भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैच, पांच एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और एकमात्र टवेंटी-टवेंटी मैच खेलेगी.

पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच नौ जुलाई से ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा. भारतीय टीम इस लंबे दौरे की शुरुआत 26 जून से लीस्टरशायर से तीन दिवसीय अभ्यास मैच से करेगी.

'घर में शेर बाहर ढेर'

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वैसे तो सभी सवालों के जवाब दिए लेकिन जब उनसे पूछा गया कि 'घर में शेर बाहर ढेर' यह कहावत भारतीय टीम कब बदल सकेगी, तो इसके जबाव में उन्होंने टीवी चैनलों पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि यह टैग लाइन तो आप कभी भी हटा सकते है क्योंकि आप ही तो आधे घंटे का शो बनाते हैं.

धोनी के इतना कहते ही एक हंसी सारे माहौल में छा गई. लेकिन धोनी ने आगे गंभीर होते हुए कहा कि हर सिरीज़ का परिदृश्य अलग होता है.

उन्होंने कहा, ''जब विदेशी टीम भारत आती है, तो हमेशा टर्निंग विकेट की बात की जाती है. वहीं जब एशियाई टीमें बाहर खेलने जाती हैं, तो स्विंग, बाउंस और सीम मूवमेंट की बात की जाती है.''

आगे उनका कहना था कि क्रिकेट में यही बात बेहद विशेष है कि हर विकेट बिलकुल अलग होता है. इसके अलावा 60 से 80 प्रतिशत क्रिकेट घरेलू मैदान पर खेली जाती है. इसलिये यह अहम है कि पहले अपने घर में अच्छा खेलें. खिलाड़ी जितना अधिक बाहर विदेशों में खेलेंगे, उतना ही उन्हें अनुभव मिलेगा.

वर्तमान पर है नज़र

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धोनी से यह भी पूछा गया कि टीम में कुछ प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं लेकिन लंबे समय बाद टीम में द्रविण, सचिन, सौरव, लक्ष्मण और यहां तक कि सहवाग जैसे खिलाड़ी नहीं हैं और इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में बैटिंग विकेट दिया.

क्या भारत को भी ऐसा विकेट मिल सकता है? इस पर धोनी ने कहा, ''यह सब मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. जहां तक बल्लेबाज़ी की बात है, तो सहवाग जैसे सलामी बल्लेबाज़ और उसके बाद द्रविण, सचिन, लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे बल्लेबाज़ों की कमी पूरी नहीं की जा सकती. लेकिन अब हम इसके बारे में नहीं सोच रहे हैं, हम वर्तमान खिलाड़ियों के बारे में सोच रहे हैं, जो टीम का हिस्सा हैं.''

धोनी का कहना है कि अच्छी बात यह है कि कुछ खिलाड़ियों के पास विदेशी पिचों पर खेलने का भी अनुभव है. उनके लिये यह दौरा चुनौतीपूर्ण होगा. अब समय आ गया है कि वे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शन में बदलें, उम्मीद है कि टीम बेहतर करेगी.

'हार ने निराश किया'

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इसके अलावा धोनी ने यह भी माना कि साल 2011 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ में हार ने बड़ा निराश किया था लेकिन पिछली दक्षिण अफ्रीकी और न्यूज़ीलैंड सिरीज़ में हम जीत के क़रीब पहुंचे और जीत नहीं सके.

धोनी के मुताबिक़, ''हमारे गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया, पर विरोधी टीम के बल्लेबाज़ों ने शानदार बल्लेबाज़ी की. इससे भारतीय टीम को आत्मविश्वास मिला कि वह जीत भी सकती है.''

भारतीय कप्तान का कहना था कि साल 2011 की इंग्लैंड सिरीज़ में कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे. ज़हीर खान पहले ही मैच में घायल हुए. इससे दूसरे गेंदबाज़ भी दबाव में आ गए.

उनके मुताबिक़, ''इसके अलावा यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पास कोई बहुत अधिक पार्ट टाइम गेंदबाज़ भी नहीं हैं, जो विदेशी पिचों पर अधिक गेंदबाज़ी कर सकें. हमें पता है कि किस क्षेत्र में हमें मेहनत करनी है. हमारे पास समय है कि हम पहले टेस्ट मैच से पहले अपनी क्षमताओं का अंदाज़ा लगा सकें. क्रिकेट ग़लतियों का खेल है और कैसे सिरीज़ की शुरुआत होती है, यह महत्वपूर्ण है.''

आक्रामक होने की ज़रूरत

धोनी ने कहा, ''हमारी कोशिश शुरू से ही दबाव बनाने की होगी. अब यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि हम कैसा खेलते हैं.''

धोनी ने यह भी कहा कि हमने 18 खिलाड़ियों का दल इसलिए चुना ताकि चोटिल खिलाड़ी की जगह अधिक विकल्प उपलब्ध रहे. टीम के लिए अभ्यास सत्र भी बेहद महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि वह जैसा वहां खेलेंगे वैसा ही प्रदर्शन मैच में परिवर्तित होगा.

इसके अलावा धोनी ने अपनी बल्लेबाज़ी को लेकर कहा कि उन्हें अधिक आक्रामक होने की ज़रूरत है.

वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम के कोच डंकन फ्लैचर ने कहा कि इंग्लैंड की टीम भी पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है, लेकिन उसके पास ऐलिस्टेयर कुक और इयान बेल जैसे शानदार बल्लेबाज़ हैं.

''देखना है कि भारतीय टीम इस इंग्लैंड दौर पर कैसा खेल दिखाती है जबकि पिछले दौरे पर भारत टैस्ट सिरीज़ 4-0 से हारा था.''

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