फ़ीफ़ा: सुआरेज़ पर चार महीने का प्रतिबंध

  • 26 जून 2014
जॉर्जियो किएलीनी, लुईस सुआरेज़ इमेज कॉपीरइट AFP

इटली के डिफ़ेंडर जॉर्जियो किएलीनी को दांत काटने पर उरुग्वे के स्टार फ़ुटबॉलर लुई सुआरेज़ पर विश्व फ़ुटबॉल नियामक संस्था फ़ीफ़ा ने चार महीने का प्रतिबंध लगा दिया है.

लिवरपूल के यह 27 वर्षीय खिलाड़ी प्रीमियर लीग के पहले नौ मैचों में भी नहीं शामिल हो सकेंगे. इसके अलावा उन पर एक लाख 11 हज़ार डॉलर का जुर्माना किया गया है.

फ़ीफ़ा प्रवक्ता डेलिया फिशर ने इस संबंध में रियो डी जेनेरियो में घोषणा की.

इस प्रतिबंध के बाद सुआरेज़ शनिवार को होने वाले उरुग्वे के मैच में नहीं खेल पाएंगे.

उरुग्वे के पास इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए तीन दिन हैं.

'सबसे बड़ा प्रतिबंध'

इस घटना के बाद सुआरेज़ ने उरुग्वे के टेलीविजन से बातचीत में इसे सामान्य बात कहा था.

उन्होंने कहा था, "मैदान में यह सब चलता रहता है. हम दोनों एक दूसरे से टकराए और उसने मुझे अपने कंधे से धक्का दिया. ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, इसको लेकर हाय-तौबा मचाने की ज़रूरत नहीं है."

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सुआरेज़ को अपने करियर में तीसरी बार अपने विपक्षी खिलाड़ी को दांत से काटने का दोषी पाया गया है.

दांत काटने की यह घटना मंगलवार को फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप डी मैच के दौरान हुई. यह मैच जीतकर उरुग्वे अंतिम 16 में पहुंच गया है.

वर्ल्ड कप के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा प्रतिबंध है. इससे पहले 1994 में इटली के माउरु टैसोटी पर स्पेन के लुइस एनरीके को कोहनी मारने पर आठ मैचों को प्रतिबंध लगाया गया था.

फ़ीफ़ा की अनुशासन समिति के प्रमुख क्लाउडियू सल्सेर ने एक बयान में कहा, "ऐसा बर्ताव फ़ुटबॉल के किसी भी मैदान में और ख़ासतौर पर फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के दौरान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, जबकि करोड़ों लोगों की आंखें मैदान में फ़ुटबॉल स्टार्स पर लगी होती हैं."

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