उम्मीदों पर सवार भारतीय एथलीट इंचियोन रवाना

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दक्षिण कोरिया में चल रहे 17वें एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय एथलेटिक दल नई उम्मीदों के साथ शनिवार को इंचियोन के लिए रवाना हो गया है.

इन एथलीटों में कृष्णा पूनिया, अश्विनी अंकूजी, अरपिंदर सिंह, श्राबणी नंदा, मंजूरानी जैसे नामी खिलाड़ी शामिल हैं.

(एशियाई खेलों में कहां टिकता है भारत)

चीन से चुनौती

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Image caption कृष्णा अपने पति और कोच वीरेंद्र पूनिया के साथ

ख़ुद को पूरी तरह फ़िट बताने वाली कृष्णा पूनिया अभी 61 मीटर तक डिस्कस थ्रो कर रही हैं.

दिल्ली में वर्ष 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया डिस्कस थ्रो में चीन के खिलाड़ियों को चुनौती मान रही हैं.

कृष्णा के पति और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त कोच वीरेंद्र पूनिया को भी उनसे पदक की उम्मीद है.

एशिया में नंबर एक अरपिंदर सिंह

बीते ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में ट्रिपल जम्प में कांस्य पदक जीतने वाले अरपिंदर सिंह फ़िलहाल एशिया में नंबर एक और विश्व में 10वें पायदान पर हैं. उन्हें भी स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा है.

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चीन के ग्वांग्झू एशियाई खेलों में 400 मीटर की बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली अश्विनी अकूंजी उस टीम का भी हिस्सा थीं जिसने 4×400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था.

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वे दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम की सदस्य थीं और इंचियोन में भी इसी क़ामयाबी को दोहराने का इरादा रखती हैं.

भारत की नई उम्मीद

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हैमर थ्रो में मंजू रानी भारत की नई उम्मीद हैं, उन्होंने पिछले दिनों 62.74 मीटर की दूरी के साथ नया राष्ट्रीय रिकार्ड भी बनाया है. उन्हें भी भारतीय पदक दावेदारों में से एक माना जा रहा है.

इनके अलावा 20 किलोमीटर की पैदल चाल में भारत के केटी इरफ़ान से भी पदक की उम्मीद हैं.

वहीं श्रबणी नंदा दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 4×400 मीटर दौड में कांस्य पदक जीतने वाली टीम की सदस्य रह चुकी हैं. उनके हौसले भी बुलंद हैं.

पिछले एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली सुधा सिंह और 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रीजा श्रीधरन की साख भी दांव पर है.

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भारतीय एथलेटिक दल के चीफ़ कोच बहादुर सिंह को भी उम्मीद हैं कि भारत इस बार अधिक पदक जीतने की क्षमता रखता हैं.

पिछली बार भारत ने एथलेटिक्स में पांच स्वर्ण दो रजत और पांच कांस्य पदक सहित कुल 12 पदक जीते थे.

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