सौरव घोषाल सोने से चूके, सिल्वर मिला

सौरव घोषाल इंचियोन एशियाई खेलों में स्क्वॉश का गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए.

उन्होंने फ़ाइनल मुक़ाबले में कुवैत के अब्दुल्लाह अलमेजयन को पहले दोनों गेम में 12-10, 11-2 से हराया.

लेकिन इसके बाद वे मुक़ाबले पर अपनी पकड़ कायम नहीं रख पाए.

तीसरा गेम बेहद रोमांचक साबित हुआ जब अब्दुल्लाह अलमेजयन ने जोरदार वापसी करते हुए 14-12 से गेम जीत लिया.

इसके बाद अगले दोनों गेम अब्दुल्लाह ने 11-8, 11-9 से जीत कर सौरव घोषाल के गोल्ड मेडल जीतने का सपना तोड़ दिया.

पहला सिल्वर मेडल

सौरव घोषाल को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. ये इंचियोन एशियाई खेल में भारत का पहला सिल्वर मेडल है.

इससे पहले 2006 और 2010 के एशियाई खेलों स्क्वॉश में कांस्य पदक जीतने में कामयाब हुए थे.

2013 में सौरव घोषाल मैनचेस्टर, इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड स्क्वॉश चैंपियनशिप के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे.

स्क्वॉश की दुनिया में उन्हें पहली बड़ी कामयाबी तब मिली थी, जब 2004 में उन्होंने ब्रिटिश जूनियर ओपन का ख़िताब जीता था.

सौरव घोषाल का जन्म कोलकाता में हुआ था, लेकिन स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वे स्क्वॉश सीखने के लिए चेन्नई की एक अकादमी से जुड़ गए.

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