'पूरे क्रिकेट को हिला सकती है मुद्गल रिपोर्ट'

  • 15 नवंबर 2014
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मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट में शामिल नामों को लेकर क़यास लगाए जा रहे हैं कि उसमें कई और बड़े क्रिकेटरों के नाम हो सकते हैं.

क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने तीन क्रिकेटरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. इनमें से एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेल चुका है.

क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन का मानना है कि यह रिपोर्ट आने वाले समय में क्रिकेट में एक और भूचाल पैदा कर सकती है.

पढ़ें आदेश गुप्त की रिपोर्ट

अभी बहुत कुछ होना बाक़ी है. आरोपों का मतलब है कि या तो एन श्रीनिवासन अपने पद से ख़ुद हट जाएं या फिर बीसीसीआई उन्हें पद छोड़ने के लिए कहे. अगर आपके ख़िलाफ़ आरोप साबित नहीं होते तो आप फिर आने की कोशिश कीजिए.

आज की तारिख़ में अगर सुप्रीम कोर्ट ने एक पैनल के माध्मम से आरोप लगाए हैं तो उसे गंभीरत से लिया जाना चाहिए. ये मानना है जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन का.

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दरअसल, बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल-6 में स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी मामलों में मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट को सावर्जनिक कर दिया. इसमें 13 में से 7 नामों का ख़ुलासा किया गया है. इन सभी से मुद्गल समिति ने पूछताछ की थी.

इन नामों में आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन और राजस्थान रॉयल्स टीम के सहमालिक राज कुंद्रा शामिल हैं. इसके अलावा, इस रिपोर्ट में तीन अन्य क्रिकेटर्स के नाम भी शामिल हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके नाम जारी करने से मना किया है.

शुक्रवार को ही बीसीसीआई ने अपनी वार्षिक आम बैठक भी टाल दी.

आरोप

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Image caption गुरुनाथ मयप्पन बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवासन के दामाद हैं.

प्रदीप मैगज़ीन का मानना है कि अभी तक यह मालूम नही हैं कि श्रीनिवासन, मय्यपन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन के ख़िलाफ़ मुद्गल रिपोर्ट में कितने गंभीर आरोप हैं. दूसरे सुप्रीम कोर्ट ने अभी खिलाड़ियों के नाम नहीं बताए हैं क्योंकि उनके ख़िलाफ़ आरोप हैं, सबूत नही हैं.

इनमें एक खिलाड़ी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुका है. इस रिपोर्ट से लगता है कि कुछ ऐसी बातें हैं जो क्रिकेट को हिला कर रख सकती हैं.

वैसे आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग का मुद्दा तब गरमाया जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

उसके बाद यह मामला तब और उछला जब चेन्नई किंग्स के टीम प्रिंसीपल गुरुनाथ मय्यपन और फ़िल्म अभिनेता विंदू दारा सिंह को भी मुंबई पुलिस ने सट्टेबाज़ी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया.

बीसीसीआई की भूमिका

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अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 तारीख़ को होगी. इसे लेकर प्रदीप कहते हैं, "अब उस दिन तो श्रीनिवासन, मय्यपन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन के वकील उनका पक्ष रखेंगे. इसके अलावा बिहार क्रिकेट संघ के याचिकाकर्ता के वकील इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करेंगे."

उनके अनुसार, "अभी इस मामले में कुछ समय लगेगा, लेकिन इन हालात के बाद बीसीसीआई के पदाधिकारी कैसे एन श्रीनिवासन की स्थिति को संभालेंगे और क्यों संभालेंगे यह समझ से बाहर है. वो ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह भी समझ में नहीं आता."

उन्होंने कहा, "एन श्रीनिवासन के बोर्ड अध्यक्ष बनने से अधिक भारतीय क्रिकेट को इस स्थिति से बाहर निकलना है, इसके उलट बीसीसीआई के पदाधिकारी ऐसा बर्ताव कर रहे हैं कि एक आदमी को बचाने के लिए सारी क्रिकेट भाड़ में जाए तो जाए."

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