श्रीनिवासन के बचाव में आई बीसीसीआई

  • 18 नवंबर 2014
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी के सिलसिले में एन श्रीनिवासन पर लगे आरोपों को ख़ारिज किया है.

श्रीनिवासन इस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के भी अध्यक्ष हैं.

बीसीसीआई की कार्यसमिति की आपात बैठक चेन्नई में हुई, जिसमें आईपीएल स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी की जांच करने वाली मुद्गल समिति की रिपोर्ट पर चर्चा हुई.

बोर्ड ने इस मामले में आईपीएल के सीओओ सुंदर रामन का भी समर्थन करने का फ़ैसला लिया है.

मुद्गल समिति की रिपोर्ट में श्रीनिवास को क्लीन चिट दी गई है लेकिन आईपीएल 2013 के दौरान टीमों से जुड़े राज कुंद्रा, श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन और सुदर रामन की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं.

'कोर्ट का फैसला मानेंगे'

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Image caption सवालों में आईपीएल

बीसीसीआई के सचिव संजय पटेल ने बताया, "बोर्ड ने फ़ैसला किया है कि रमन को सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष बयान करने की अनुमति मिलनी चाहिए."

उन्होंने कहा, "हमारा माननीय सुप्रीम कोर्ट में पूरा विश्वास है और जो फ़ैसला वहां लिया जाएगा, हम उसे मानेंगे."

बीसीसीआई ने 20 नवंबर को होने वाली अपनी सालाना बैठक चार हफ्ते के लिए टाल दी है. इस बैठक में श्रीनिवासन फिर अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं.

अब ये बैठक 17 दिसंबर को होगी. मुद्गल समिति में श्रीनिवासन को क्लीन चिट मिलने के बाद बीसीसीआई में उनकी वापसी का रास्ता साफ़ हो सकता है.

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