क़तर : भय में जी रही है व्हिसलब्लोअर

  • 20 नवंबर 2014
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क़तर की एक व्हिसलब्लोअर ने बीबीसी से कहा है कि क़तर के फ़ुटबाल विश्व कप 2022 की मेज़बानी हासिल करने में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने के बाद से वो भय में जी रही हैं.

फ़ाइदरा अल-माजिद ने 2011 में दावा किया था कि मेज़बानी के लिए समर्थन हासिल करने के लिए क़तर के अधिकारियों ने अफ्रीका के तीन फ़ुटबॉल अधिकारियों को 15 लाख डॉलर का भुगतान करने का प्रस्ताव दिया था.

हालांकि बाद में वो अपनी बात से पीछे हट गईं. लेकिन अब उन्होंने कहा है कि उन्हें बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया.

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Image caption फ़ीफा ने फ़रीदा अल-माज़िद के सबूतों को विश्वास के लायक नहीं पाया

वहीं क़तर की टीम ने कहा है कि फ़ीफा की जांच में ये आरोप ख़ारिज हो गए थे. अफ़्रीकी अधिकारी भी इससे इनकार करते रहे हैं.

फ़ीफा का कहना है कि क़तर से मेज़बानी वापस लेने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे. फ़ीफा ने फ़रीदा अल-माजिद के सबूतों को पूरी तरह विश्वास के लायक नहीं बताया है.

फ़ाइदरा अल-माजिद ने यह भी कहा है कि अमरीकी संघीय जांच एजेंसी एफ़बीआई के अधिकारियों ने सितंबर 2011 में उनसे मिले थे.

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उनके मुताबिक अमरीकी अधिकारियों ने उन्हें रिकॉर्डर देकर इस सौदे के सबूत जुटाने को कहा था.

वे क़तर की उस टीम के साथ काम कर रही थीं जो मेज़बानी हासिल करने की कोशिश में जुटी थी. लेकिन 2010 में फ़ाइदरा की नौकरी चली गई.

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