क्या श्रीनिवासन अब जाएंगे?

  • 28 नवंबर 2014
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आईपीएल-6 में कथित स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी से जुड़े मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आईपीएल की फ्रैंचाइज़ी चेन्नई सुपर किंग्स को निलंबित किया जाए और बीसीसीआई तुरंत चुनाव कराए.

सुप्रीम कोर्ट की हिदायत है कि स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी के आरोपों में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे चुनाव से दूर रहें.

अदालत का आदेश एन श्रीनिवासन के लिए एक तरह से चेतावनी है, जो फिर से बीसीसीआई अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे बताए जाते हैं.

आदेश गुप्त की रिपोर्ट

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क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं, "अभी यह सुप्रीम कोर्ट का विचार है, कोई निर्णय नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट सख़्त होता जा रहा है."

प्रदीप मैगज़ीन कहते हैं, "चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ अब कारवाई तो होगी ही. देखना यह है कि क्या उसकी मान्यता रद्द होती है या फिर उस पर ज़ुर्माना लगाया जाएगा."

चेन्नई सुपरकिंग्स के अधिकारी और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मय्यपन भी गंभीर आरोपों के घेरे में हैं.

तानाशाही!

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पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह का कहना है कि श्रीनिवासन की ताक़त तो कम होगी ही, क्योंकि हर तानाशाह का अंत होता है.

मनिंदर कहते हैं, "बीसीसीआई भी तानाशाही से ही चल रही है, क्योंकि एक कप्तान जो चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक की टीम का भी कप्तान है, वह ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से 4-0 से टेस्ट सिरीज़ हारता है, तो भी उसे नहीं हटाया जाता."

वे बताते हैं, "लेकिन एक चयनकर्ता मोहिंदर अमरनाथ अगर आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें ही हटा दिया जाता है."

आजीवन प्रतिबंध

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Image caption श्रीसंथ पर स्पॉट फिक्सिंग के लिए आजीवन प्रतिबंध लगा हुआ है.

इसके अलावा मनिंदर सिंह यह भी कहते हैं कि अब देखना है कि बीसीसीआई चुनाव में क्या रास्ता निकालती है.

वहीं आईपीएल में सट्टेबाज़ी से जुड़े मामले में जब श्रीसंथ और दूसरे कुछ खिलाड़ियों के नाम सामने आए तो उन पर तो आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया. जब कुछ पदाधिकारियों ने श्रीनिवासन के ख़िलाफ आवाज़ उठाई तो उन्हें भी किनारे लगा दिया गया.

लेकिन गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा और चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कुछ नहीं किया, जबकि उन पर शक की सुई घूम रही है.

मनिंदर सिंह कहते हैं, "दोहरा मापदंड कब तक अपनाएंगे. दूसरे करें तो चोरी, अपना बेटा करे तो कुछ नहीं."

क्रिकेट में गंदगी!

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उन्होंने कहा, "अब बीसीसीआई के असली चरित्र का पता चलेगा. जो लोग 'बड़े साहब' का साथ दे रहे हैं, क्या अपना उल्लू सीधा करने के लिए वो आगे भी साथ देते रहेंगे या उनसे अपना पल्ला झाड़ लेंगे."

अब गेंद बीसीसीआई के पाले में हैं जहां अगली सुनवाई में उसे कई जवाब देने हैं. वहां यह भी बताना है कि चेन्नई सुपर किंग्स में 400 करोड़ रुपये निवेश करने का फ़ैसला किसने किया.

जाने-माने खेल समीक्षक नौरिस प्रीतम यक्ष प्रश्न करते हैं कि क्या एक श्रीनिवासन के जाने से ही क्रिकेट में फैली गंदगी साफ़ हो जाएगी?

वे कहते हैं, "सुप्रीम कोर्ट का रोल भी अहम है, लेकिन क्या वह पूरे साल क्रिकेट को ही साफ़ करने में अपना समय लगा देगा."

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