फ़ीफ़ा: 'भ्रष्टाचार के आरोपों' का सच सामने आएगा?

  • 19 दिसंबर 2014
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Image caption फीफा के मुख्य जांचकर्ता माइकल गार्सिया अपना पद छोड़ चुके हैं

फ़ुटबॉल की विश्व संस्था फ़ीफ़ा उस रिपोर्ट को प्रकाशित करने पर सहमत हो गई है जो वर्ल्ड कप की मेज़बानी हासिल करने की प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी है.

लेकिन फ़ीफ़ा का कहना है कि रिपोर्ट का 'क़ानूनी रूप से उचित संस्करण' ही जारी किया जाएगा.

भ्रष्टाचार के इन आरोपों की जांच फ़ीफ़ा के मुख्य जांचकर्ता माइकल गार्सिया ने की है.

लेकिन माइकल गार्सिया ने इस हफ़्ते ये कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था कि उनकी जांच के निष्कर्षों पर फ़ीफ़ा ने जो सार प्रकाशित किया है, वो गुमराह करने वाला है और उन्हें फ़ीफ़ा की नैतिक मामलों से जुड़ी समिति में कोई विश्वास नहीं रहा है.

'मेज़बानी पर असर नहीं'

फ़ीफ़ा का कहना है कि रूस और क़तर की मेज़बानी पर कोई असर नहीं होगा. रूस 2018 में जबकि कतर 2022 में विश्व कप फ़ुटबॉल की मेज़बानी करेगा.

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Image caption सवालों में फीफा

फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर का कहना है कि उन्होंने कार्यकारी समिति के सदस्यों से रिपोर्ट प्रकाशित करने के पक्ष में मतदान करने के लिए कहा है.

उन्होंने कहा, "हम हमेश इस बात को लेकर प्रतिबद्ध रहे हैं कि सच बाहर आना चाहिए."

वहीं गार्सिया का कहना है कि दो साल तक चली उनकी जांच को लेकर अभी तक जो फ़ीफ़ा का सार प्रकाशित किया गया है, वो 'अधूरा और त्रुटियों से भरा' है.

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