पहली जीत की तलाश में भारत और इंग्लैंड

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Image caption भारतीय क्रिकेट कप्तान धोनी और इंग्लैंड की टीम के कप्तान इयोन मॉर्गन

ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही त्रिकोणीय एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सिरीज़ में मंगलवार को भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे.

दोनो ही टीमें अपना पहला मुक़ाबला मेज़बान ऑस्ट्रेलिया से हार चुकी हैं. इंग्लैंड के ख़िलाफ तो ऑस्ट्रेलिया ने बोनस अंक के साथ जीत हासिल की थी.

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ऐसे में फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार का मुक़ाबला भारत और इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण है.

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इस त्रिकोणीय सिरीज़ के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को बेहद आसानी से तीन विकेट से मात दी थी, वह भी 61 गेंद शेष रहते.

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अगर इंग्लैंड 40 ओवर के बाद मुक़ाबला हारता तो ऑस्ट्रेलिया को बोनस अंक नहीं मिलता.

इस बोनस अंक के लिए ही ऑस्ट्रेलिया ने अपने दो-तीन विकेट गंवाए अन्यथा इंग्लैंड की गेंदबाज़ी में कोई दम नहीं था.

रोहित का शतक

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वैसे भी इंग्लैंड का पुलिंदा तो 47.5 ओवर में ही बंध गया था और वह भी केवल 234 रन पर. इस स्कोर पर टीम भला कैसे जीत की उम्मीद कर सकती है.

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दूसरी तरफ भारत ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ संघर्ष ज़रूर किया लेकिन सच्चाई यह भी है कि भारत कभी भी मैच में दबाव बनाने की स्थिति में नहीं था.

रोहित शर्मा ने शानदार शतक बनाकर दिखाया कि वह क्रिकेट के इस फॉर्मेट में फ़िट बैठते हैं.

खराब शॉट

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चौथे टेस्ट मैच में दोनों पारियों में खाता खोले बग़ैर आउट होने वाले सुरेश रैना ने अर्धशतक तो बनाया लेकिन उसके बाद बेहद खराब शॉट खेलकर आउट हुए.

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स्टार्क की स्विंग होती तेज़ रफ्तार वाली गेंद के सामने शिखर धवन का फुटवर्क भी कहीं नज़र नहीं आया और स्टार्क ने बेहद आसानी से उनका शिकार किया.

ऑस्ट्रेलिया के पास मिचेल जॉनसन और हैज़लवुड की ग़ैरमौजूदगी में केवल स्टार्क ही भरोसेमंद गेंदबाज़ हैं.

धोनी की चिंता

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स्टार्क ने 43 रन पर छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ी की मज़बूती के दावे की पोल भी खोल दी.

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विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और ख़ुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कुछ ख़ास नहीं कर सके लेकिन इनके फ़ॉर्म जल्दी ही आ जाने की उम्मीद की जा सकती है.

अब कप्तान धोनी की चिंता शिखर धवन को लेकर होगी लेकिन भारतीय गेंदबाज़ी का वह क्या करें.

भारत की मुश्किलें

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टेस्ट मैच के बाद एकदिवसीय सिरीज़ में भी अगर गेंदबाज़ लय में नहीं लौटे तो विरोधी बल्लेबाज़ भारत पर दबाव बनाते रहेंगे. धोनी के पास वैसे भी अधिक विकल्प नहीं हैं.

अपने बल्लेबाज़ों के दम पर भारत इंग्लैंड के ख़िलाफ पिछले 15 मुक़ाबलों में से 12 अपने नाम करने में कामयाब रहा है और इंग्लैंड ने केवल तीन मैच जीते हैं.

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इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन अगर मंगलवार को फ़िट होकर खेलते हैं तो फिर भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उनका साथ पाकर स्टुअर्ट ब्रॉड खतरनाक हो जाते हैं.

इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन भी पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जमाकर अपने तेवर दिखा चुके हैं लेकिन बाक़ी बल्लेबाज़ों में इयान बेल और जो रूट का फ़ॉर्म में आना अभी बाक़ी है.

अब आंकडों और पिछले प्रदर्शन के आधार पर तो पलड़ा भारत का ही भारी नज़र आता है. लेकिन बेहतर होगा कि भारतीय गेंदबाज़ भी दिखाएं कि अब सीखने का नहीं बल्कि कुछ कर दिखाने का समय आ चुका है.

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