विश्व कप क्रिकेट: लौट आया 'सुपर ओवर'

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विश्व कप क्रिकेट का फ़ाइनल मुक़ाबला अगर टाई पर ख़त्म होता है तो विजेता का फ़ैसला 'सुपर ओवर' से होगा.

दुबई में गुरुवार को हुई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की बैठक में यह फ़ैसला हुआ.

आईसीसी ने पिछले विश्व कप में सुपर ओवर का प्रावधान हटा लिया था.

विश्व कप क्रिकेट की मेज़बानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड संयुक्त रूप से कर रहे हैं. हर चौथे साल होने वाला क्रिकेट का यह महाकुंभ 14 फ़रवरी से 29 मार्च तक चलेगा.

क्या है सुपर ओवर?

ख़िताबी मुक़ाबला अगर टाई रहता है और तब सुपर ओवर का इस्तेमाल होगा.

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सुपर ओवर के लिए हर टीम अपने तीन बल्लेबाज़ों को नामित करेगी.

और विपक्षी टीम छह गेंदों के 'सुपर ओवर' के लिए अपने एक गेंदबाज़ का चयन करेगी.

अगर ओवर पूरा होने से पहले टीम दो विकेट गंवा देती है, तो वह मैच हार जाएगी.

लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो इस एक ओवर में सबसे अधिक रन बनाने वाली टीम विजेता होगी.

यदि इसके बाद भी मुक़ाबला बराबरी पर ही छूटता है तो पूरी पारी या इस सुपर ओवर में सबसे अधिक छक्के मारने वाली टीम को विजेता घोषित कर दिया जाएगा.

अगर फिर भी मुक़ाबला टाई रहता है तो दोनों पारियों में सबसे ज़्यादा चौके जड़ने वाली टीम जीत की हकदार होगी.

धीमी ओवर गति

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आईसीसी धीमी ओवर गति को लेकर भी बेहद गंभीर है.

आईसीसी ने बयान जारी कर कहा है, "टूर्नामेंट की शुरुआत में किसी भी कप्तान के नाम धीमी ओवर गति का मामला दर्ज नहीं होना चाहिए. और यदि टूर्नामेंट में धीमी ओवर गति का मामला बनता है तो उस टीम के कप्तान को एक मैच के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा."

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