सुपरसंडे, सुपर मुक़ाबला: कुछ घंटे बाक़ी

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विश्व कप का आगाज़ यूं तो शनिवार को ही हो चुका है, लेकिन भारत और पाकिस्तान के क्रिकेटप्रेमियों के लिए यह महाकुंभ एक दिन की देरी से यानी रविवार को शुरू होगा.

पूल ‘बी’ के इस हाईवोल्टेज़ मुक़ाबले के लिए दर्शकों में कितना जोश है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैच के सभी ऑनलाइन टिकट महज 20 मिनट में बिक गए.

ये हाल तब है जब दोनों ही टीमों की विश्व कप की तैयारियां बहुत अच्छी नहीं हैं और विश्व कप से ठीक पहले की सिरीज़ में दोनों अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों से बुरी तरह मात खा चुकी हैं.

महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सिरीज़ में एक भी मुक़ाबला नहीं जीत पाई, जबकि पाकिस्तान भी न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दोनों वनडे मैच हार गया.

भारत की गेंदबाज़ी कमज़ोर

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भारत के लिए यह मैच इस मायने में ख़ास है कि विश्व कप में पहली बार उनके साथ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर नहीं होंगे.

भारत की सबसे बड़ी समस्या टीम के अधिकतर सदस्यों का कम अनुभवी होना और कमज़ोर गेंदबाज़ी आक्रमण है.

कप्तान धोनी के अलावा, विराट कोहली, सुरेश रैना और आर अश्विन को ही विश्व कप में खेलने का अनुभव है.

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लेकिन काग़जों पर देखें तो अब भी टीम में अपने दिन पर किसी भी टीम को रौंदने का माद्दा है. रोहित शर्मा के नाम वनडे की रिकॉर्ड दो डबल सेंचुरियां दर्ज हैं, जबकि कोहली की सेंचुरियों की रफ़्तार तो सचिन से भी कहीं तेज़ है.

भारत और पाकिस्तान मैचों का लेखा-जोखा

कुल मैच 126
भारत जीता 50
पाकिस्तान जीता 72
नतीजा नहीं 4
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भारत की कमज़ोर नस है गेंदबाज़ी. ईशांत शर्मा के घायल होकर टीम से बाहर हो जाने के बाद तो ये आक्रमण और भोथरा हो गया है.

विश्व कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का रिकॉर्ड अजेय रहा है, लेकिन धोनी इसे ज़्यादा महत्व नहीं देते.

धोनी कहते हैं, “प्रशंसकों और मीडिया के लिए ये आंकड़े चर्चा का अच्छा विषय हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए मायने ये रखता है कि हम कैसा खेलते हैं.”

मिस्बाह की उम्मीदें

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उधर, संदिग्ध गेंदबाज़ी एक्शन से क्लीन चिट मिलने के बावजूद सईद अजमल को टीम में शामिल नहीं कर पाना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका था, तो उमर गुल और जुनैद ख़ान के चोटिल होने से उसका तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण कमज़ोर हुआ है.

पाकिस्तान विश्व कप में भारत के हाथों पराजय से सिलसिले पर ब्रेक लगाना चाहेगा. विश्व कप में 1992 और उसके बाद हुई पाँचों भिड़ंतों में भारत ने जीत हासिल की है.

पाकिस्तान ने 1992 में इसी ज़मीन पर अपना इकलौता विश्व कप जीता था.

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पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक़ ने कहा, “अगर हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें तो कोई कारण नहीं कि हम फिर से कप नहीं जीत सकते. जहाँ चाह है, वहाँ राह है.”

अपना दूसरा विश्व कप खेल रहे 40 वर्षीय मिस्बाह ने कहा कि वह भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान का भाग्य बदलने के लिए दृढ़संकल्प हैं.

मिस्बाह ने कहा, “पहले जो हुआ, वो मायने नहीं रखता. कोई वजह नहीं है कि हम जीत नहीं सकते.”

टीमें

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भारत: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), विराट कोहली, आजिंक्य रहाणे, शिखर धवन, रोहित शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी, सुरेश रैना, रविंद्र जडेजा, अंबाटी रायडू, अक्षर पटेल, आर अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और मोहित शर्मा में से

पाकिस्तान: मिस्बाह उल हक (कप्तान), नासिर जमशेद, अहमद शहज़ाद, यूनुस ख़ान, हैरिस सुहैल, उमर अकमल, शोएब मक़सूद, सरफ़राज़ अहमद, शाहिद आफ़रीदी, मोहम्मद इरफ़ान, सुहैल ख़ान, वहाब रियाज़, एहसान आदिल, राहत अली और यासिर शाह में से

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